गाज़ियाबाद

जाम के झाम अब नहीं होना पड़ेगा परेशान, सिर्फ 8 मिनट में पहुंच जाएंगे वैशाली से मोहननगर

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस संबंध में एक बैठक होगी। जिसमें हर एंगल से मंथन किया जाएगा।
2 min read
ropeway.jpg

गाजियाबाद. दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में वैशाली से मोहन नगर के बीच बनाए जाने वाले रोप-वे का खाका का पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जिसके लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने तमाम मंथन के बाद निर्णय लिया है कि रोपवे के संचालन को निजी एजेंसी की मदद से कराया जाए। इसके लिए जल्द ही एक बैठक का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें पूरी तरह से इस पर मुहर लगने की उम्मीद है। जिसके बाद इस रोप-वे बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि गाजियाबाद में इस रोप-वे के बनने के बाद लोगों को जाम के झाम से जल्द ही मुक्ति मिलेगी।

गाजियाबाद में मिलेगी जाम से मुक्ति

गाजियाबाद में भले ही चारों तरफ लगातार विकास किए जाने की बात की जा रही हो, लेकिन उसके बावजूद भी गाजियाबाद में लोगों को जाम के झाम से दो चार होना पड़ता है। लेकिन अब लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से वैशाली से मोहन नगर के बीच रोपवे का संचालन किए जाने की योजना बनाई गई है। रोप-वे से मात्र 8 से 12 मिनट में यह दूर तय हो जाएगा। इसके लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 30 साल का ठेका देने के बाद एक निजी एजेंसी से संचालन कराए जाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना के तहत सरकारी एजेंसी पर प्रोजेक्ट में खर्च होने वाली लागत केवल 35 प्रतिशत होगी। जबकि 65% का भार निजी एजेंसी को ही वहन करना होगा।

2024 में तक पूरा हो जाएगा रोप-वे का काम

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस संबंध में एक बैठक होगी। जिसमें हर एंगल से मंथन किया जाएगा। इस योजना के तहत मेट्रो ब्लू लाइन के वैशाली स्टेशन से मेट्रो रेड लाइन के मोहन नगर मेट्रो स्टेशन के रूट को जोड़ने के लिए रोप-वे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट जो तैयार हुई है। उसके तहत इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 450 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है और यह पूरा प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।

चिन्हित कर ली गई है जगह

जानकारी देते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने बताया कि वैशाली से मोहन नगर के बीच रोप-वे संचालन किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। इसे तैयार करने वाली कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को तैयार करने और इससे होने वाली कमाई के दो तरीके बताए हैं। जिसमें पहला तरीका प्रोजेक्ट को जो निवेशक और सरकारी एजेंसी यानी केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और प्राधिकरण मिलकर तैयार करें। इसमें प्रोजेक्ट पर जो भी निवेशक बड़ा निवेश करें इस प्रोजेक्ट के संचालित होने के बाद उन्हीं को लाभ होगा। वहीं दूसरा तरीका प्रोजेक्ट का खर्च पूरी तरह से सरकारी एजेंसी ही वहन करें इससे प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई सरकारी एजेंसी को ही मिलेगी।

Published on:
11 Oct 2021 12:34 pm
Also Read
View All
गाजियाबाद में लिफ्ट के अंदर पालतू कुत्ते को लेकर हुआ विवाद, दो महिलाओं के बीच जमकर हुई मारपीट; वीडियो वायरल

UP Crime: जमीन विवाद का मुकदमा बना सुराग, 35 साल से फरार हत्या का आरोपी गाजियाबाद में गिरफ्तार

देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं! निशु आजाद के खिलाफ गाजियाबाद कमिश्नरेट पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान

Nishu Azad News: निशु आजाद ने शेयर की पुलिसकर्मी की ऑडियो रिकॉर्डिंग, गाजियाबाद पथराव मामले में बढ़ा विवाद, जांच जारी

Haji Salman Arrest: 25 हजार का इनामी इनफ्लुएंसर हाजी सलमान गिरफ्तार; BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर को दी थी धमकी