
निशु आजाद ने शेयर किया ऑडियो(फोटो- x @Neeraj_Bhawanii)
Nishu Azad Ghaziabad:गाजियाबाद में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी 15 वर्षीय निशु आजाद के घर कथित पथराव का विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस की ओर से घटना के पुख्ता सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी, लेकिन निशु आजाद ने अब 112 पर की गई अपनी आपातकालीन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा की है। उनका दावा है कि इस रिकॉर्डिंग में पुलिसकर्मी खुद मौके पर दो युवकों को पकड़े जाने और आसपास पथराव की बात करता सुनाई दे रहा है। इससे पुलिस के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में अब विवाद सिर्फ पथराव की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। निशु की ओर से जारी ऑडियो और पुलिस के बयान के बीच कथित अंतर ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था?
निशु आजाद के मुताबिक, घटना के वक्त उन्होंने 112 नंबर पर मदद के लिए कॉल की थी। अब उसी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग उन्होंने सार्वजनिक की है। उनके दावे के मुताबिक, बातचीत के दौरान पुलिसकर्मी कहता सुनाई दे रहा है कि मौके से दो लड़कों को पकड़ा गया है और वे नशे की हालत में हैं। ऑडियो में आसपास की दुकानों पर भी पथराव किए जाने की बात और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने का जिक्र होने का दावा किया गया है।
निशु का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी की बातचीत की यह रिकॉर्डिंग वास्तविक है, तो इसे उनके घर पर पथराव की शिकायत की जांच में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें मौजूद आवाज की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल निशु आजाद की ओर से सामने रखा गया दावा और साक्ष्य माना जा रहा है।
इससे पहले निशु आजाद और उनके पिता की ओर से घर पर पथराव की शिकायत की गई थी। निशु ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बालकनी में पड़े पत्थर भी दिखाए थे। इसके बाद पुलिस की जांच में पथराव के दावे को लेकर सवाल उठे। वहीं, स्थानीय सोसायटी के कुछ निवासियों ने भी घटना पर अलग दावा किया और निशु के परिवार के खिलाफ नाराजगी जताई। दूसरी तरफ, अमर उजाला की रिपोर्ट में निशु के घर पर दो बार पत्थर फेंके जाने और बालकनी में पत्थर मिलने का दावा किया गया है। यानी इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे फिलहाल एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
निशु आजाद का नाम पिछले दिनों दिल्ली में हुए CJP के आंदोलन के दौरान चर्चा में आया था। इस विवाद का एक प्रमुख हिस्सा उनके पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने नीट आंदोलन के दौरान निशु के पिता के साथ मारपीट की थी। बाद में एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र की ओर से कथित तौर पर हमले की बात स्वीकार किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद निशु, उनके परिवार और CJP से जुड़े लोगों ने कार्रवाई की मांग तेज कर दी। मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था और बाद में केस में SC/ST एक्ट जोड़े जाने की खबर भी सामने आई।
घर पर कथित पथराव के बाद निशु और उनके परिवार ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। वहीं, पुलिस और स्थानीय निवासियों के अलग-अलग दावों के कारण विवाद और बढ़ गया है। अब 112 कॉल की ऑडियो सामने आने के बाद निशु आजाद ने मामले की निष्पक्ष और दोबारा जांच की मांग की है। इस पूरे विवाद में सबसे अहम यह होगा कि पुलिस मौके पर मौजूद लोगों के बयान, CCTV फुटेज, 112 कॉल का आधिकारिक रिकॉर्ड और बरामद पत्थरों समेत सभी सबूतों को किस तरह जोड़ती है।
Updated on:
8 Sep 2026, 3:54 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 3:54 PM IST
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