राजनगर एक्सटेंशन से गुजरने वाले लोगों को अब सवा साल के भीतर जाम के झाम से राहत मिल सकती है. पचास करोड़ रूपये की लागत से सवा साल के भीतर फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा। सेतु निगम और पीडब्लूएडी के बीच उलझे हुए विवाद को सुलझा लिया गया है। इसके संबंध में एनओसी रीलीज की जा चुकी है। बहुत जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा.
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे 58 को अब स्टेट हाईवे घोषित कर दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन पीडब्लूडी विभाग के पास में नहीं पहुंचा था। इसकी वजह से फ्लाईओवर को लेकर अड़चन आ रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों की तरफ से इसके लिए प्रयास किए जा रहे थे। अब इसके संबंध में एनओसी मिल चुकी है।
फ्लाईओवर मिलने के बाद ऐसे मिलेगी राहत
फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने बाद राजनगर एक्सटेंशन पर लगने वाले जाम से लोगों को पूरी तरह राहत मिल जाएगी। फ्लाईओवर बनने के बाद सिग्नल को फ्री कर दिया जाएगा राजनगर एक्सटेंशन सोसाइटी की तऱफ आने वाला, हापुड चुग्गी फ्लाईओवर से राजनगर एक्सटेंशन की तऱफ आने वाला ट्रैफिक इसके बाद में सीधे निकल सकेगा।
चालीस फीसदी तक बढ चुका है वाहनों का दबाव
राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर ट्रैफिकल के हालात दिन प्रतिदिन बदतर होता जा रहा है। अब मौजूदा हालत में इस पर चालीस फीसदी वाहनों का दबाव बढ गया है। समाजवादी पार्टी की सरकार में इसके बनाए जाने को लेकर घोषणा की गई थी। इसके बाद में सरकार चली गई और मामला अधर में लटक गया। योगी सरकार के आने के बाद में दोबारा से फाइल में तेजी आई है।
जीडीए के चीफ इंजीनियर सुशील चंद्र द्विवेदी का कहना है कि सम्बन्धित विभाग से इसके संबंध में एनओसी जारी हो चुकी है। सवा साल के भीतर फ्लाईओवर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।