
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Photo-IANS)
Balendra Shah Government Major Decision: नेपाल की बालेंद्र शाह सरकार ने चौंकाने वाला निर्णय लिया है। नेपाल सरकार ने भारत, अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका सहित 17 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। नेताल के इन सभी राजदूतों को केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में नियुक्त किया गया था। बालेंद्र शाह सरकार ने कैबिनेट की बैठक में केपी शर्मा ओली सरकार के समय राजनीतिक कोटे से नियुक्त किए गए 6 शेष राजदूतों को 1 महीने के भीतर स्वदेश लौटने को कहा गया है।
नेपाल की नवगठित सरकार के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Prime Minister Balendra Shah) ने भारत समेत 6 महत्वपूर्ण देशों में तैनात अपने राजदूतों को एक महीने के अंदर स्वदेश लौट आने का आदेश दे दिया है। इस फैसले से नेपाल के दूतावास अब नेतृत्वहीन हो गए हैं, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। नेपाल सरकार का कहना है कि चुनाव परिणामों के बाद इन राजनीतिक नियुक्तियों वाले राजदूतों को स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन ऐसा न होने पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
नेपाल में नए राजदूतों की नियुक्ति में नामों की सिफारिश, संसदीय सुनवाई और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं में कई सप्ताह लग सकते हैं। ऐसे में 17 देशों के साथ नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों में अस्थायी कूटनीतिक शून्यता पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल के फैसले के तहत इन राजदूतों को वापस बुलाया गया है।
वापस बुलाए गए राजदूतों में शंकर प्रसाद शर्मा (भारत), चित्रलेखा यादव (ऑस्ट्रेलिया), सुमनिमा तुलाधर (डेनमार्क), पूर्ण बहादुर नेपाली (श्रीलंका), शिवमाया तुम्बाहम्फे (दक्षिण कोरिया) और कपिलमान श्रेष्ठ (दक्षिण अफ्रीका) शामिल हैं। बता दें कि रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह ने केपी शर्मा ओली सरकार के पतन के लगभग छह महीने बाद मार्च 2026 में नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
नेपाल की नवगठित बालेंद्र शाह सरकार के पहले अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सरकार ने कुल 17 में से 11 देशों के राजदूतों को वापस बुलाने का आदेश जारी किया था। विश्लेषकों का मानना है कि बालेंद्र शाह की सरकार राजनीतिक नियुक्तियों को समाप्त कर मेरिट आधारित कूटनीतिक नियुक्तियां करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस बीच भारत जैसे पड़ोसी देश और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ संबंधों के संचालन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, नेपाल सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नए राजदूतों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
Updated on:
08 Apr 2026 01:17 am
Published on:
08 Apr 2026 01:17 am
