
UNSC में होर्मुज स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव फेल(Image- IANS)
होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। अमेरिका का अल्टीमेटम भारतीय समय अनुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे खत्म हो रहा है। अमेरिका का अल्टीमेटम खत्म होने से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रणनीतिक समुद्री रास्ते को खोलने के संबंध में वोटिंग हुई है। होर्मुज स्ट्रोट को खोलने को लेकर बहरीन की तरफ से लाए गए प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो कर दिया। जिसकी वजह से बहरीन का प्रस्ताव पेश नहीं हो सका। प्रस्ताव फेल होने पर बहरीन ने इसकी कड़ी आलोचना की है।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन का प्रस्ताव विफल हो गया। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए UNSC में बहरीन द्वारा पेश प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, लेकिन प्रस्ताव विफल हो गया। बहरीन की ओर से लाए गए प्रस्ताव को 15 सदस्यीय परिषद में 11 वोट मिले, लेकिन स्थायी सदस्य रूस और चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर इसे रोक दिया। पाकिस्तान और कोलंबिया ने इस मतदान से दूरी बनाई।
UNSC में होर्मुज स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव फेल होने पर खाड़ी देशों में गुस्सा फैल गया है। प्रस्ताव फेल होने पर बहरीन, UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और जॉर्डन ने संयुक्त बयान जारी कर करके इसकी आलोचना की है। बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने परिषद में बयान पढ़ते हुए कहा- आज आपके सामने पेश किया गया प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, इससे हम बेहद निराश हैं।
बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने कहा- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक अवैध गतिविधि के मामले में अपनी जिम्मेंदारी निभाने में विफल रही। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए बिना किसी देरी के बड़ी कार्रवाई जरूरी थी। अल जयानी ने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कोई भी देश इसे बाधित करने का अधिकार नहीं रखता। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि यह प्रस्ताव स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
UNSC में होर्मुज स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव विफल होने पर बहरीन समेत सभी खाड़ी देशों ने चीन और रूस पर तीखी आलोचना की है। बहरीन ने कहा कि परिषद अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रही है। खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान द्वारा होर्मुज को अवरुद्ध करना वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। UNSC में हुई वोटिंग से दूरी बनाने पर खाड़ी देशों ने पाकिस्तान के लिए भी नाराजगी जाहिर की है।
Updated on:
08 Apr 2026 12:14 am
Published on:
08 Apr 2026 12:14 am
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