
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (फोटो- ANI)
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में इजराइल को बुराई और इंसानियत पर अभिशाप बताया था। यही नहीं, उन्होंने यह भी लिखा कि यहूदी राष्ट्र के संस्थापक नरक में जलें।
फिर जैसे ही इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की तारीख नजदीक आई, वो पोस्ट चुपचाप डिलीट कर दी गई। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अभी ईरान से बात करने के लिए किसी भी वक्त पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। इस बीच, बलोच नेता मीर यार बलोच ने इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे चिट्ठी लिखकर पाक की पोल खोल दी है।
बलोचिस्तान के जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पत्र लिखकर पाकिस्तान की असली नीयत उजागर करने की कोशिश की।
उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान की यह मध्यस्थता न तो शांति की चाहत से प्रेरित है और न ही इलाके की स्थिरता से। असल मकसद है इस पूरे इलाके में आतंकवाद फैलाना।
मीर यार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पंजाब में हमास के नेताओं के लिए सार्वजनिक रैली तक आयोजित की। उनके शब्दों में पाकिस्तान हमास, हिजबुल्लाह, ISIS और दूसरे चरमपंथी संगठनों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है। जब तक यह आतंकी अड्डा खत्म नहीं होता, इलाके में टिकाऊ शांति नामुमकिन है।
मीर यार ने सिर्फ पाकिस्तान की आलोचना नहीं की। उन्होंने बलोचिस्तान के लोगों की तरफ से एक सकारात्मक संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा कि बलोच लोग संघर्ष का हथियार नहीं बनना चाहते, वो शांति के साझीदार बनना चाहते हैं। उन्होंने अपनी आजादी की मांग के साथ-साथ एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इलाके में अपनी साझा दिलचस्पी भी जताई।
वहीं, जेय सिंध मुत्तहिदा महाज के अध्यक्ष शफी बुर्फत ने भी पाकिस्तान की तथाकथित मध्यस्थता को सिरे से खारिज किया। उन्होंने पाकिस्तान को इलाके में चरमपंथ और आतंकवाद का संरक्षक बताया।
लेकिन बुर्फत ने एक और अहम बात कही जो भारत के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत को इलाके की किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या कूटनीतिक कोशिश से अलग रखना खुद शांति के खिलाफ काम करना होगा।
उनका कहना था कि जिस देश पर दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने का दाग हो, उसे शांति वार्ता का मेजबान बनाना ऐसा ही है जैसे बकरियों की रखवाली के लिए भेड़िये को तैनात करना।
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान बैठकर बात करने जा रहे हैं। दुनिया इसे एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बता रही है। लेकिन जिस देश की धरती पर यह बातचीत हो रही है, उसी देश के रक्षा मंत्री ने इजराइल को अभिशाप कहा और वो पोस्ट बातचीत की तारीख से ठीक पहले डिलीट हुई।
Published on:
10 Apr 2026 09:50 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
