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‘ईरान के मामले में चीन बीच में आया तो बिगड़ जाएगी बात’, अमेरिकी प्रतिनिधि ने दे डाली खुली चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दो हफ्तों का युद्धविराम समझौता हुआ है। इस दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने चीन को चेतावनी दी कि वह ईरान के मामलों में हस्तक्षेप न करे, अन्यथा अमेरिका-चीन संबंध पेचीदा हो सकते हैं।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Apr 10, 2026

Xi Jinping

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो- IANS)

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए युद्धविराम की डील हुई है। इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने चीन को ईरान के मामलों से दूर रहने की सलाह दी है।

ग्रीर ने कहा कि अमेरिका के साथ चीन स्थिर संबंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन अगर बीजिंग ईरान के साथ ऐसे किसी काम में शामिल होता है जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हो, तो मामले पेचीदा हो जाएंगे।

अगले महीने चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे ट्रंप

जेमिसन ग्रीर ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छी मुलाकात होगी, लेकिन चीन के साथ जुड़ी हर चुनौती अभी तक हल नहीं हुई है।

बता दें कि एक दिन पहले भी ग्रीर ने चीन को लेकर बड़ा बयान जारी किया था। उन्होंने गुरुवार को मिशिगन में कहा कि चीनी कारों को अमेरिका में अपनी जगह बनाने में मुश्किल होगी।

चीनी कारें क्यों अमेरका में फ्लॉप? दो वजह सामने आई

इसकी दो वजहें हैं- एक तो बाजार की स्वाभाविक ताकतें और दूसरी वे नियम जो पिछले साल अपनाए गए थे। ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा के जोखिमों के चलते कुछ खास चीनी वाहन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के यहां इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं।

ग्रीर ने कहा- ये नियम असरदार हैं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इन नियमों में किसी भी बदलाव की उम्मीद नहीं है, यहां तक कि उन चीनी कार कंपनियों के लिए भी नहीं, जो अपने वाहन अमेरिका में ही बनाती हैं।

ईरान की जंग में चीन ने नहीं दिया साथ

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नाम से शुरू हुई इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई।

तेहरान तबाही के कगार पर था। ईरान बेसब्री से इंतजार कर रहा था कि उसके सबसे बड़े दोस्त चीन की तरफ से कुछ होगा। लेकिन खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

जंग के दो दिन बाद चीन ने दी प्रतिक्रिया

जंग के दो दिन बाद चीन के विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब कुछ सामान्य था, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। जब एक ईरानी पत्रकार ने विरोध जताया, तभी मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बमुश्किल हमले की आलोचना की।

रूस और चीन दोनों ने अमेरिका-इजराइल के हमले की कड़ी निंदा की, लेकिन दोनों ने ईरान को सैन्य मदद देने से साफ मना कर दिया। इसकी कई वजहें हैं।

चीन और अमेरिका के बीच एक बड़ी समिट होने वाली है। शी जिनपिंग के लिए ईरान उनकी प्राथमिकताओं में नीचे है। सबसे ऊपर है अमेरिका के साथ संबंधों की स्थिरता।

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