
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद का एक इलाका ऐसा भी है। जहां से कोई भी नेता गुजरता है, तो लोग उसे रोक लेते हैं और जमकर खरी-खोटी सुनाते हैं। यहां की महिलाएं भी हर नेता पर आग बबूला हो जाती हैं। इस खबर में हम आपको इस इलाके के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद कहा गया था कि सड़कों की हालत ठीक करा दी जाएगी। कहीं पर गड्ढा नहीं होगा। लेकिन गाजियाबाद के साहिबाबाद में सत्यम एनक्लेव एक ऐसी कॉलोनी है, जहां पर सड़क में गड्ढे नहीं। बल्कि गड्ढों में सड़क तब्दील हो चुकी है।
बिना बारिश के भी यहां पर जलभराव रहता है। सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है, जिस वजह से लोग गुस्से में हैं। इलाके के पार्षद से लेकर नगर निगम तक को अवगत कराया गया है। लेकिन कोई कुछ करने को तैयार नहीं होता है। ऐसे में जो भी नेता गली से गुजरता है, महिलाएं उसे रोक लेती हैं और जमकर खरी-खोटी सुनाती हैं। अगर वह नेता बीजेपी का ना भी हो, तो उससे कहती हैं कि सड़क को बनवाने में कुछ तो मदद की जाए क्योंकि प्रशासन तो कानों में रुई डालकर बैठा हुआ है।
महिलाओं ने नेता को रोकने का वीडियो भी बनाया और उसे जमकर खरी-खोटी भी सुनाई। नेता की गाड़ी को तब तक रोक कर रखा गया, जब तक उसे पूरी आपबीती नहीं सुना दी गई। इस तरह से इलाके के पार्षद सचिन डागर को भी कई बार खरी-खोटी सुनाई गई है। लेकिन कोई कुछ करने को तैयार नहीं है। सत्यम एनक्लेव के लोगों ने फैसला किया है कि 2019 में होने वाले चुनाव में किसी को वोट नहीं देंगे। इलाके की रहने वाली बॉबी गोस्वामी ने बताया कि रोड पर निकलते समय काफी परेशानी होती है। सत्यम एनक्लेव का हाल किसी गांव से कम नहीं है। ऐसा लगता है कि हम एनसीआर में नहीं बल्कि किसी दूरदराज के गांव में रह रहे हों। उनका कहना है कि अगर कोई भी नेता इलाके में वोट मांगने आया, तो उसे यहां से धक्के मार कर निकाल दिया जाएगा।