
सरायकेला-खरसावां, गिरिडीह: पति—पत्नी के बीच अक्सर झगड़े की ख़बरें अक्सर आती रहती है। यह एक स्वाभाविक घटना है, आम बोलचाल में कहते भी है कि 'घर में दो बर्तन रहेंगे तो खनकेंगे भी'। लेकिन इस झगड़े का हल आपस में ही कर लिया जाए तो सही है नहीं तो गंभीर अंजाम भुगतने पड़ते हैं। ऐसा ही हुआ 28 वर्षीय धोबा हो के साथ, पत्नी से झगड़ा करने पर उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी जान ले ली।
मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले में खोकरो गांव के वृधान टोला में धोबा हो, अपने माता—पिता और पत्नी के साथ रहता था। मामूली विवाद के चलते उसकी पत्नी 'सुरु हो' दो दिन पहले अपने किसी रिश्तेदार के यहां चली गई थीं। पिता भी बाहर गए हुए थे। शुक्रवार को धोबा हो के ससुराल पक्ष के कुछ लोग आए और उन्होंने उसकी जमकर पिटाई की। इससे वह अचेत हो गया। उसे इलाज के लिए राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी जिससे डॉक्टरों ने इसे हमले के बजाए विषैला पदार्थ खाने से मौत माना। लेकिन वृद्ध माता—पिता ने हमले की बात कही। डॉक्टरों ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की मां के बयान के आधार पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के साले व अन्य 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मृतक की मां ने बताया कि शुक्रवार को बेटे की ससुराल से कुछ लोग आए। उन्होंने दूर ही अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर दी। वृद्धा ने बताया कि उसने उनकी मेहमाननवाजी करनी चाही पर उन्होंने धोबा हो पर धावा बोल दिया और जब तक मारते रहे जब तक वह अचेत नहीं हो गया।
बताया गया है कि बुधवार को धोबा हो और उसकी पत्नी सुरु हो के बीच झगड़ा हुआ था। बच्ची के पैसे मांगने और धोबा हो के मना करना इसके पीछे की वजह बताई जा रही है। सुरु का कहना है कि उसने पीहर वालों को यह बात बताई जरूर थी पर समझाने को कहा था। उसने मायके वालों के ऐसा करने की घटना से साफ इंकार कर दिया।