सड़क दुर्घटना में घायल हुए मुख्य आरक्षी की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। घायल सिपाही गोंडा के नवाबगंज थाने में बीते एक वर्षों से तैनात था।
गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में तैनात मुख्य आरक्षी योगेंद्र नाथ यादव की मौत ने पुलिस महकमे के साथ-साथ उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 17 सितंबर को जब वे अपने साथी मुख्य आरक्षी अभिषेक सिंह के साथ एक अभियुक्त की तलाश में निकले थे। तब उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि यह सफर उनकी ज़िंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
गोंडा जिले के कटरा रेलवे क्रॉसिंग के पास सामने से आ रही तेज़ रफ़्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों ज़मीन पर जा गिरे। हादसे में योगेंद्र नाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल उन्हें लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती कराया गया। जहां कई दिनों तक उनका इलाज चला। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन जीवन और मृत्यु की जंग लड़ते हुए आखिरकार सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। योगेंद्र नाथ यादव अपने कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। साथी पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे हमेशा ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे। अपने व्यवहार से सबका दिल जीत लेते थे। उनकी असमय मौत ने परिवार से पिता समान सहारा और महकमे से एक कर्मठ प्रहरी छीन लिया।
इस दुखद घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। अधिकारियों और सहकर्मियों ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को संबल देने की प्रार्थना की है।