गोंडा

बेटी बोली- पापा को घर से ले जाकर आरपीएफ वालों ने मार डाला… मुंह से खून निकल रहा था, पढ़े पूरा घटनाक्रम

रेलवे सुरक्षा बल की हिरासत में युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की बेटी ने कहा कि मेरे पापा को घर से ले जाकर आरपीएफ वालों ने मार डाला। इसके बाद शव को अस्पताल में छोड़कर भाग गए। घटना के बाद से पत्नी और छोटे-छोटे बच्चे बिलख रहे हैं। आइये जानते हैं। संजय सोनकर के मौत का पूरा घटनाक्रम।

3 min read
Nov 06, 2025
रोते-बिलखते परिजन फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा मे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की अभिरक्षा में एक युवक की मौत के बाद बवाल मच गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की मासूम बेटी ने मीडिया को रो-रो कर बताया कि मेरे पापा को घर से जबरदस्ती पकड़ लाये। और मार डाला। उनके मुंह से खून निकल रहा था। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गोंडा जिले के मोतीगंज थाना के गांव किनकी के रहने वाले 33 वर्षीय संजय कुमार सोनकर की मंगलवार देर रात आरपीएफ अभिरक्षा में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे आरपीएफ जवान उसे लेकर गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने संजय को बुरी तरह पीटा और बिजली का करंट तक दिया। बहन अनीता देवी का कहना है कि उनके भाई को एक महीने पुरानी चोरी के झूठे मामले में फंसाकर जान से मार दिया गया। बताया जाता है कि 28 अक्टूबर को बरुवाचक रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से सरसों तेल का टिन चोरी हुआ था। इस मामले में मंगलवार शाम संजय को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी की निशानदेही पर गन्ने के खेत से 15 लीटर तेल का टिन बरामद किया गया। लिखापढ़ी के दौरान युवक ने पेट दर्द की शिकायत की। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिजनों को यह बरामदगी कहानी हजम नहीं कर पा रहे हैं। उनका सवाल है कि अगर चोरी एक महीने पहले हुई थी। तो क्या कोई व्यक्ति इतने दिनों तक गन्ने के खेत में तेल का डिब्बा छिपाकर रखेगा। यह बात पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर रही है।

ये भी पढ़ें

युवक की हिरासत में संदिग्ध मौत: आरपीएफ के दो सब इंस्पेक्टर एक सिपाही समेत अज्ञात खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज

डॉक्टर बोले मृत अवस्था में आरपीएफ के जवान लाये

गोंडा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतुल मिश्रा ने बताया कि रात करीब 11:10 बजे आरपीएफ के जवान युवक को लेकर आए थे। तब वह मृत अवस्था में था। शुरुआत में उसकी पहचान अज्ञात के रूप में कराई गई। बाद में नाम संजय सोनकर बताया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारण का चल सकेगा पता

आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि चोरी के मामले में संजय को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यह पूरा मामला अब जांच के घेरे में है। क्योंकि अभिरक्षा में हुई यह मौत कई सवाल खड़े कर रही है। क्या युवक की मौत पुलिसिया प्रताड़ना से हुई या वाकई उसकी तबीयत बिगड़ी थी। यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

दो सब इंस्पेक्टर एक सिपाही नामजद कुछ अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज

गोंडा जिले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत ने हड़कंप मचा दिया है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय संजय सोनकर के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने आरपीएफ कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। नगर कोतवाली पुलिस ने दो सब इंस्पेक्टरों, एक सिपाही और कुछ अज्ञात जवानों के खिलाफ पुलिस ने हत्या धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंगलवार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, बुधवार की सुबह अस्पताल में मिला शव

मामले की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई। जब आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, करण सिंह यादव, सिपाही अमित कुमार यादव और कुछ अज्ञात जवानों ने मोतीगंज थाना के गांव किनकी के रहने वाले संजय सोनकर को पूछताछ के नाम पर अपने साथ ले गए। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब साढ़े चार बजे आरपीएफ कर्मी संजय को वापस गांव लाए। इसके बाद बरूवाचक गांव में एक दुकानदार से उसकी पहचान कराई। इसके बाद संजय को एक सफेद कार में बैठाकर फिर ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि इस दौरान आरपीएफ कर्मियों ने संजय की जमकर पिटाई की। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। और उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह गोंडा जिला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में संजय का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई राजू सोनकर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक बोले- केस दर्ज कर जांच की जा रही

अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत ने बताया कि मोतीगंज थाना के गांव किनकी के रहने वाले एक व्यक्ति ने नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। 4 नवंबर को उनके भाई संजय सोनकर को चोरी की एक मुकदमे में आरपीएफ टीम पकड़ ले गई। जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है किया घटना आरपीएफ टीम द्वारा की गई है। शव का पंचायत नामा के बाद डॉक्टर के एक पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसके साथ उसकी वीडियो ग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। मृतक के भाई की लिखित तहरीर पर तीन नामजद तथा कुछ अज्ञात रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
06 Nov 2025 04:57 pm
Published on:
06 Nov 2025 04:56 pm
Also Read
View All

अगली खबर