देवीपाटन मंडल ने आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान बनाया। आयुक्त की पहल से शिकायतों का तेज और प्रभावी समाधान हुआ। खासकर महिलाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गोंडा स्थित एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर देवीपाटन मंडल ने मार्च 2026 की रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मंडल को 120 में से 104 अंक मिले, जो 86.67 प्रतिशत सफलता दर को दर्शाता है। यह उपलब्धि शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कारण संभव हो पाई है। जिससे प्रशासनिक कार्यशैली की सराहना हो रही है।
देवीपाटन मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए आईजीआरएस पोर्टल की मार्च 2026 की रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। मंडल को कुल 120 में से 104 अंक मिले हैं। जिससे 86.67 प्रतिशत की सफलता दर दर्ज की गई है। यह उपलब्धि प्रशासन द्वारा शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कारण संभव हो सकी है।
मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि मंडल के अंतर्गत आने वाले श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर जिलों में शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर माह सभी जिलों की शिकायतों की समीक्षा की जाती है। जिससे लंबित मामलों को जल्द निपटाया जा सके। इसके साथ ही लोगों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं रैंडम रूप से शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर फीडबैक लेते हैं। इससे यह पता चलता है कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में जमीन पर भी प्रभावी तरीके से हुआ है या नहीं। इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में काफी सुधार देखने को मिला है।
अपर आयुक्त (प्रशासन) मीनू राणा ने बताया कि महिलाओं और बेटियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ नामक विशेष पहल चलाई जा रही है। इस पहल के तहत महिला संबंधित शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा रहा है। जिससे महिलाओं में भरोसा बढ़ा है। प्रशासन की इन पहलों का ही परिणाम है। कि देवीपाटन मंडल ने प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह सफलता अन्य मंडलों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।