गोंडा

Gonda: बेसिक शिक्षा विभाग में फिर पकड़ा गया फर्जीवाड़ा,फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले आठ शिक्षक बर्खास्त

Gonda news: बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां 12460 सहायक अध्‍यापक भर्ती में प्रक्रिया में 8 शिक्षक फर्जी दस्‍तावेज के सहारे नौकरी पा ली। मामला प्रकाश में आया तो विभाग ने आनन-फानन में उन्हें बर्खास्‍त कर दिया गया है।

2 min read
May 29, 2025
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय गोंडा

Gonda News: बेसिक शिक्षा विभाग में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी हथियाने वाले आठ शिक्षकों का सत्यापन के दौरान अभिलेख फर्जी पाए जाने पर इन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। अभी इनके निवास पुलिस वेरिफिकेशन में फर्जी पाए गए हैं। गनीमत रही कि इन अध्यापकों को अभी तक वेतन नहीं मिला था।अध्यापकों ने जो निवास पता दर्शाया था। पुलिस वेरिफिकेशन में वह गलत पाया गया। उस निवास स्थान पर संबंधित नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। माना जा रहा इनके अन्य अभिलेख भी कूटरचित हैं।

Gonda News: बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति के मामले में बुधवार को आठ शिक्षकों पर गाज गिरी। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने आठ शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों में जिले में 30 दिसंबर 2023 और सात जनवरी 2024 को 637 अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक का नियुक्ति पत्र दिया गया था।

इन शिक्षकों को किया गया बर्खास्त

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिन शिक्षकों को बर्खास्त किया है। उनमें संतोष कुमार, संजय कुमार शंखवार और अखिलराज आनंद नियुक्ति पत्र लेने के बाद भाग गए। संजय कुमार ने प्राथमिक विद्यालय मुंगरौल मुजेहना, भारत रत्न सोनी ने नरायनपुर साल करनैलगंज, हर्ष सिंह ने कंपोजिट विद्यालय बनकटी अर्जुन सिंह मुजेहना, रमाकांत श्रीवास्तव ने प्राथमिक विद्यालय कधरा इटियाथोक और अरुण कुमार सागर ने कंपोजिट विद्यालय लोहंगपुर डीह परसपुर का आवंटन कराया। मगर, नियुक्ति पत्र व विद्यालय आवंटन पत्र लेने के बाद विद्यालय नहीं पहुंचे।

पटल प्रभारी की सक्रियता के चलते पकड़े गए फर्जी शिक्षक

बेसिक शिक्षा विभाग के पटल सहायक नीरज त्रिपाठी की सक्रियता के चलते फर्जी शिक्षक पकड़ में आ गए। जब दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। तो निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। विभाग की तरफ से इन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। तो इन लोगों द्वारा कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग ने तीन नोटिस जारी करने के बाद इन्हें बर्खास्त कर दिया। माना जा रहा है कि इनके अन्य अभिलेख भी फर्जी है।

Published on:
29 May 2025 08:16 am
Also Read
View All

अगली खबर