29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: बृजभूषण के खिलाफ सुनवाई पर रोक से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट की सुनवाई जारी रहेगी। वकील की दलीलों पर अदालत ने सख्त रुख भी अपनाया।

2 min read
Google source verification
Pappu Yadav, Kanhaiya Kumar, Rahul Gandhi, Tejashwi Yadav, Bihar Bandh, Brij Bhushan Sharan Singh, Congress internal politics, BJP on Congress, Lok Sabha elections Bihar, Bihar assembly elections 2025, political controversy Bihar, Rahul Gandhi speech, Kanhaiya Kumar sidelined, Pappu Yadav protest, El

बृजभूषण शरण सिंह (Photo IANS)

बीजेपी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि निचली अदालत में चल रहा ट्रायल जारी रहेगा। उस पर किसी तरह की रोक नहीं लगेगी।

पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि निचली अदालत में केस पहले की तरह चलता रहेगा। दरअसल, बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। उनकी दलील थी कि आरोप गलत हैं। और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने उनकी इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

निचली अदालत में चलती रहेगी

सुनवाई के दौरान बृजभूषण के वकील ने मुख्य वकील की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई टालने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और वकील को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि याचिका दाखिल होने के बावजूद अब तक इस पर गंभीर बहस नहीं की गई है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि अगली सुनवाई पर यदि बहस नहीं हुई तो याचिका खारिज भी की जा सकती है। मामले की अगली तारीख 21 अप्रैल तय की गई है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर कोई रोक नहीं है। और वहां सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट की इस टिप्पणी से बृजभूषण को फिलहाल बड़ा झटका माना जा रहा है।

बृजभूषण ने आरोपो को झूठा बताया

बृजभूषण शरण सिंह लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। उनका कहना है कि जांच एजेंसियों ने सिर्फ आरोप लगाने वाली पहलवानों के बयानों पर भरोसा किया। उनके पक्ष को नजरअंदाज किया गया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मई 2023 में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 21 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़े आरोप तय किए थे। इस मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर भी सह-आरोपी हैं। इससे पहले, छह अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवानों ने जनवरी 2023 में बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। कार्रवाई की मांग को लेकर पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा धरना भी दिया था।

नाबालिग पहलवान से जुड़े मामले में कोर्ट ने बृजभूषण को बरी कर दिया था

हालांकि, नाबालिग पहलवान से जुड़े एक अलग मामले में 26 मई 2025 को पटियाला हाउस कोर्ट ने बृजभूषण को बरी कर दिया था। क्योंकि पीड़िता अपने बयान से पलट गई थी। बावजूद इसके, बालिग पहलवानों से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

Story Loader