देवीपाटन परिक्षेत्र के IG अमित पाठक ने श्रावस्ती में रिश्वतखोरी के दो मामलों में एक सब इंस्पेक्टर तथा एक चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
गोंडा जिले के देवीपाटन परिक्षेत्र में रिश्वतखोरी के दो मामलों में पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एक उपनिरीक्षक और एक चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
श्रावस्ती जिले के हरदत्तनगर ग्रिंट थाने से जुड़ा है। बहराइच जिले के नानपारा थाना क्षेत्र के छोटा गुलौरा गांव के रहने वाले राजेंद्र वर्मा ने भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि 20 जून 2025 की रात उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा पुलिस टीम के साथ उनके घर पहुंचे। पूछताछ के नाम पर उन्हें थाने ले गए। शिकायत के अनुसार, सुबह छोड़ने के बदले उनसे एक दलाल के जरिए 1 लाख 30 हजार रुपये लिए गए।
दूसरा मामला श्रावस्ती के भिनगा क्षेत्र का है। यहां एक महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोसियों से चल रहे विवाद में मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई का भरोसा देकर प्रभारी जेल चौकी एसएन यादव ने एक बिचौलिए के माध्यम से 2 हजार रुपये लिए। महिला का कहना है कि पैसे लेने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
दोनों मामलों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र अमित पाठक ने भ्रष्टाचार निरोधी सेल को जांच के निर्देश दिए। सेल ने गोपनीय तरीके से जांच की। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा और प्रभारी जेल चौकी एसएन यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।