
प्रेस वार्ता करते एसपी गिरफ्तार आरोपी फोटो सोर्स विभाग
गोंडा जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में 3 फरवरी 2026 की रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था। शुरू में अज्ञात लोगों पर शक जताया गया। लेकिन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि सगे छोटे भाई ने पैसों के लालच और आपसी रंजिश में की थी।
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली के गांव दुल्हिनपुरवा, नरायनपुर माझा के रहने वाले मृतक शिव शंकर दुबे 30 वर्ष की 3 फरवरी की रात खेत की ओर जाते समय चाकू से हत्या कर दी गई थी। पिता देवीदयाल दुबे की तहरीर पर पांच नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की। एसपी के निर्देश पर तीन टीमें और एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया।
जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक के छोटे भाई अमरनाथ दुबे को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर भुलावन यादव के खेत की मेड़ से 31,500 रुपये बरामद हुए। जिनमें कुछ पर खून के धब्बे थे। पूछताछ में अमरनाथ ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। लेकिन परिवार से पर्याप्त पैसे नहीं मिल रहे थे। उसे लगता था कि बड़ा भाई जानबूझकर उसकी मदद नहीं कर रहा। इसी नाराजगी में उसने 27 जनवरी को 60 रुपये में चाकू खरीदा और 31 जनवरी को उसकी धार तेज कराई। घटना वाली रात वह खेत में पानी लगाने के बहाने भाई को ले गया। और सुनसान जगह पर कई वार कर दिए। हत्या के बाद रुपये निकालकर छिपा दिए। और शोर मचाते हुए गांव लौट आया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि 3 फरवरी को कर्नलगंज कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि नारायणपुर माझा गांव के दुल्हन पुर गांव में शिव शंकर नाम के व्यक्ति की चाकू मार कर हत्या कर दी गई। स्थानीय पुलिस के साथ पुलिस के उच्च अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट ने घटना की गहनता से जांच पड़ताल किया। मृतक के पिता ने जिनसे उनकी जमीनी रंजिश चल रही थी। अपने ही पांच पाटीदारों के नाम नामजद तहरीर पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच किया तो मृतक के छोटे भाई अमरनाथ दुबे ने खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए कहा कि हम दोनों भाई जब रात में पानी चलाने जा रहे थे। तभी कुछ अज्ञात लोगों ने चार-पांच की संख्या में पहुंचकर उनके बड़े भाई पर हमला कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई। वह किसी तरह से अपनी जान बचाकर भाग आया। गांव में शोर मचाया तब जाकर जब गांव के लोग वहां पहुंचे तब उनके भाई की डेड बॉडी मिली। उससे जब पूछताछ की गई तो कई बातें निकाल कर आई जो आपस में विरोधाभास थी। शक होने पर पुलिस के द्वारा इसकी गहनता से जांच की गई पुलिस को कई टेक्निकल और मैनुअल प्रमाण मिले। जब उन सब को सामने रखकर उनसे पूछताछ की गई तो मृतक के भाई अमरनाथ टूट गया। उसने पूरी घटना को स्वीकार किया। उसने बताया कि वह पढ़ना लिखना चाह रहा था हाई स्कूल की परीक्षा उसने गोंडा से इंटर और ग्रेजुएशन उसने इलाहाबाद से किया। वह दिल्ली में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था। उसका कहना है कि घर में जो वित्तीय नियंत्रण था। वह बड़े भाई शिव शंकर का था। जब वह आर्थिक सहयोग मांगता था तो पूरी तरह से उसे सहयोग नहीं मिलता था वह नहीं चाहते थे। कि वह पढ़ लिखकर कोई अफसर बने। उसे पर बराबर दबाव बनाया जा रहा था कि तुम घर पर आकर घर के काम करो। जिसके कारण वह तनाव में रहता था। इसी बीच उसने लखनऊ आकर एक नई कोचिंग ज्वाइन करना चाहता था। जिसके लिए एक लाख की जरूरत थी। जब वह पैसा मांगता था तो उसे डांट दिया जाता था। सुनियोजित तरीके से उसने पूरी घटना की साजिश रची। 27 जनवरी को उसने कस्बा करनैलगंज से एक चाकू खरीदा। तीन दिन बाद उसने एक जगह चाकू की धार भी तेज कराई। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फिर 3 फरवरी को किसी बहाने से वह अपने भाई को खेत में ले गया और ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर मौत की नींद सुला दिया। फिर बड़े भाई के जेब में रखें 31500 चुराकर खेत में एक जगह रख दिया। फिर उसने पाटीदारों को फसाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी रची। पुलिस ने जो रुपए छुपा कर रखे थे उसे भी बरामद कर लिया है घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार का नगद इनाम दिया जा रहा है।
Updated on:
11 Feb 2026 08:17 pm
Published on:
11 Feb 2026 06:01 pm
