बृजभूषण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मामला रद्द करने से इनकार कर दिया है।
बृजभूषण सिंह को फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने बृजभूषण के अधिवक्ता से मामले में एक शॉर्ट नोट कोर्ट में जमा करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह यौन शोषण के मामले में निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट गए थे। कोर्ट ने कहा कि चार्ज फ्रेम होने के बाद कोर्ट क्यों आए। इस पर बृजभूषण के वकील ने मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में 6 शिकायत करता है। रिपोर्ट दर्ज करने के पीछे एक एजेंडा है। अधिवक्ता ने आगे बताया कि सभी घटनाएं अलग-अलग जगह पर अलग-अलग समय पर हुए हैं। इसके बाद भी कोर्ट ने मामला रद्द करने से इनकार कर दिया। इस मामले में अब तक अभियोजन पक्ष के दो गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। कोर्ट ने यौन उत्पीड़न पीड़िताओं के बयान दर्ज करने को लेकर नोटिस जारी की है। आगामी 10 सितंबर को पूरे मामले की सुनवाई होगी। सभी महिला पहलवानों के अलग-अलग बयान दर्ज किए जाएंगे। 10 सितंबर को पूरे मामले में अगली सुनवाई होगी। सुनवाई में महिला पहलवान राऊज एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत द्वारा बयान रिकॉर्ड किया जाएगा। बृजभूषण शरण के वकील ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूरे मामले का विरोध किया था।
बृजभूषण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने निचली अदालत के खिलाफ न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। क्योंकि यह मामला पूरी तरह से गलत है। जिससे इस पूरे मामले को खत्म किया जाना चाहिए,मुझे उम्मीद है कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस पूरे मामले में एक निर्णय दिया जाएगा। अगर दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा हमारी याचिका को खारिज कर देती है। हम आगे की अदालत में जाएंगे।