गोंडा में सरकारी दफ्तर से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी का झांसा, शारीरिक शोषण और 7 लाख की ठगी के आरोप में पुलिस ने कोषागार के बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।
गोंडा में शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक शोषण और लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कोषागार में तैनात एक कनिष्ठ सहायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
गोंडा शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली युवती ने नगर कोतवाली में दर्ज कराई गई। प्राथमिकी में गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार उसकी मां कैंसर से पीड़ित थीं। इलाज के दौरान 18 सितंबर 2022 को उनका निधन हो गया था। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। मां के निधन के बाद पेंशन बनवाने के लिए उसे कोषागार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
इसी दौरान उसकी मुलाकात कोषागार में तैनात कनिष्ठ सहायक आशीष सिंह से हुई। आरोप है कि आशीष ने पेंशन बनवाने में मदद करने का भरोसा देकर युवती से नजदीकियां बढ़ाईं। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उससे शादी करने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे पर उसने आरोपी को अलग-अलग किस्तों में करीब सात लाख रुपये दे दिए। पीड़िता का आरोप है कि शादी का वादा कर आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन बाद में वह टालमटोल करने लगा। कुछ समय बाद युवती को जानकारी मिली कि आशीष सिंह ने दूसरी युवती से शादी कर ली है। विरोध करने पर आरोपी ने केवल 20 हजार रुपये लौटाए। बाकी रकम देने से इनकार कर दिया।
इस घटना से आहत पीड़िता ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नामजद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी आशीष सिंह निवासी पिपरी रावत, कटरा बाजार को उपनिरीक्षक अंकित उपाध्याय ने मंगलवार को लखनऊ रोड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।