गोरखपुर मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टरों की डिग्रियां चालीस हजार रुपये लेकर बांटी जा रही। जी हां, यह मजाक नहीं बल्कि सोलह आना सच है।
गोरखपुर मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टरों की डिग्रियां चालीस हजार रुपये लेकर बांटी जा रही। जी हां, यह मजाक नहीं बल्कि सोलह आना सच है। पुलिस ने इसकी तस्दीक की है। पैथालाॅजी चलाने के लिए जरूरतमंदों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज में सक्रिय एक रैकेट किसी भी डाॅक्टर के सर्टिफिकेट की फोटोकाॅपी चालीस हजार रुपये लेकर मुहैया कराता था। मेडिकल काॅलेज में संचालित एक पैथालाॅजी में भी यहीं के डाॅक्टर के सर्टिफिकेट लगाए गए थे। मामले का खुलासा होने के बाद एफआईआर कराया गया था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है।
मामला यह है कि कुछ दिनों पूर्व गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल काॅलेज में डाॅक्टर्स के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर पैथालाॅजी आदि के संचालन की बात सामने आई। जिस डाॅ.कंचन श्रीवास्तव का पैथालाॅजी के संचालन के लिए सर्टिफिकेट लगाया गया था उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि उनको इसके बारे में पता नहीं है। पुलिस ने इस बाबत एक एफआईआर दर्ज की।
बुधवार को पुलिस ने गुलरिहा थानाक्षेत्र के टिकरिया गांव के रहने वाले विनोद सिंह को गिरफ्तार किया। पैथालाॅजी संचालक विनोद सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने बीआरडी मेडिकल काॅलेज के एक डाॅक्टर सुनील कुमार सरोज से डिग्र्रियां हासिल की थी। डाॅ.सरोज ने चालीस हजार रुपये में डाॅ.कंचन श्रीवास्तव के नाम का सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया था। इसी सर्टिफिकेट पर वह लीलावती पैथालाॅजी संचालित कर रहा था। पुलिस के अनुसार डाॅ.सुनील कुमार सुमन बीआरडी में मेडिकल का स्टूडेंट है। वह एमबीबीएस अंतिम साल की पढ़ाई कर रहा है। सरोज जौनपुर के मछलीशहर का रहने वाला है। पुलिस ने सरोज को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
1- विनोद सिंह पुत्र सूर्य प्रताप सिंह , ग्राम टिकरिया, थाना गुलरिहा गोरखपुर। उम्र 29 वर्ष
2- डाॅ. सुनील कुमार सरोज पुत्र कमला प्रसाद सरोज, जहांसापुर, थाना मछलीशहर, जिला जौनपुर। उम्र 31 वर्ष
ये दस्तावेज हुए बरामद
1-आधार कार्ड की छायाप्रति डाॅ. कंचन श्रीवास्तव, बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर
2- एमबीबीएस डिग्री की छायाप्रति ,,
3-अनुभव प्रमाण पत्र शासकीय राजकीय गवर्नमेन्ट महाविद्यालय, औरंगाबाद की छायाप्रति ,,
4- एमडी पैथालाॅजी डिग्री की छायाप्रति ,,
5-शपथ पत्र (नोटरी, बयानहलफी) की मूल प्रति ,,
6-अभियुक्त विनोद सिंह के पास से दो मोबाइल फोन (एमआई रेडमी टच स्क्रीन, सैंमसंग की पैड)
7-अभियुक्त सुनिल कुमार सरोज के पास से एक मोबाइल लेनवो टच स्क्रीन