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अराजक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस तैयार: जवानों ने मॉक ड्रिल में बहाया पसीना, दंगाइयों को काबू करने की ट्रेनिंग ली

Mock Drill in Gorakhpur: गोरखपुर में आज पुलिस लाइन में अधिकारियों ने मॉक ड्रिल का आयोजन कराया। इस मॉक ड्रिल में पुलिस के जवानों ने जमकर पसीना बहाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने असलहों का उपयोग और भीड़ को नियंत्रित करने की ट्रेनिंग ली।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 27 May 2026, 4:52 PM IST

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अराजक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल की (Image: Patrika)

गोरखपुर में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस फोर्स ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए बुधवार को जमकर पसीना बहाया। त्योहारों पर लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त रखने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ग्राउंड में 'दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल' का आयोजन किया गया। इस ड्रिल का मुख्य मकसद पुलिस बल की तैयारी को परखना और उनकी क्षमता को बढ़ाना था, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उपद्रवियों से सख्ती और सूझबूझ के साथ निपट सकें।

अधिकारियों ने परखी सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण की ट्रेनिंग दी

पुलिस लाइन में अधिकारियों ने जवानों को बताया गया कि दंगा के दौरान उन्हें किस तरह से भीड़ को कंट्रोल करें। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने की रणनीतियां और कम से कम बल का प्रयोग करके स्थिति को काबू में करने के तरीके सिखाए गए। मॉक ड्रिल में पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों और नॉन-लीथल हथियारों को सही और सुरक्षित ढंग से चलाने की ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा, हथियारों को चलाने में प्रवीणता हासिल करने के लिए फायरिंग का भी अभ्यास भी कराया गया।

जानिए क्या होती है मॉक ड्रिल

मॉक ड्रिल एक अभ्यास है जो आपातकालीन स्थिति का अनुकरण करता है, ताकि लोगों को वास्तविक जीवन की घटनाओं के दौरान प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया जा सके। ये अभ्यास यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि वास्तविक आपात स्थिति में हर कोई जल्दी, सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कार्य करना जानता हो। चाहे आग हो, भूकंप हो, चिकित्सा आपात स्थिति हो या कोई अन्य संकट हो, मॉक ड्रिल कर्मचारियों, छात्रों या निवासियों के बीच आत्मविश्वास बढ़ाने और तैयारी को बेहतर बनाने में मदद करती है।

पुलिस को पेशेवर बनाने पर दिया गया जोर

ट्रेनिंग के दौरान आपसी सामंजस्य से कारवाई कर किसी भी स्थिति में फौरन नियंत्रण कर लिया जाए। SP सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पूरी ट्रेनिंग की निगरानी की और जवानों के प्रदर्शन को जांचा गया अधिकारियों ने कमियों को सुधारने के लिए जरूरी सुझाव भी दिए। पुलिस का कहना है कि इस तरह के नियमित प्रेक्टिस से जवानों की एक्टिवनेस बनी रहेगी जिससे कि किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। इस मौके पर CO लाइन, CO मंदिर सुरक्षा, RI और अन्य पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।