
गोरखपुर में मामा-भांजा चोर गैंग का पर्दाफाश (Image: Patrika)
गोरखपुर के पीपीगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कारवाई में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार करके सरकारी स्कूलों व मकानों में चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गैंग को मामा-भांजा मिलकर चलाते थे। गैंग के सदस्य दिन में रेकी करते थे और रात में चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
यह चोर गैंग सिलेंडर, टीवी व अन्य जरूरी समान चोरी करके सस्ते दाम में बेच देते थे। पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमे से 5 लोगों को चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चोरी करने वाले गैंग के सदस्यों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
चोर गैंग में कैंपियरगंज कुआरे गांव का रमेश उर्फ सूईत, पीपीगंज जंगल कौड़िया का अनिल, प्रवीण यादव और सन्नी गौड़ सक्रिय सदस्य है। इसमे प्रवीण यादव, रमेश उर्फ सूईत का मामा है। इन दोनों ने अनिल और सन्नी गौड़ को भी गैंग में शामिल किया था। सन्नी की बाइक से ही चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
मामा-भांजे के चोर गैंग के अलावा चिलुआताल के चिउटी जाम निवासी गंगा सागर मद्देशिया, गोपीचंद मद्देशिया, पीपीगंज के बुढली टोला बरियारी के बाल मुकुंद, यशपाल उर्फ मुन्ना यादव और शेषमणि निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन सभी पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि पिछले 6 महीने से यह गैंग एक्टिव था। प्रवीण पर 4 और रमेश पर 5 मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र और CO कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि आए दिन सरकारी स्कूलों में चाेरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। इस पर अंकुश लगाने और गैंग का पर्दाफाश करने के लिए कई टीमे लगाई गई थीं। पुलिस तलाश में ही लगी थी कि मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी के सिलिंडर, टीवी आदि सामनों का बेच रहे हैं। इस जानकारी पर पुलिस मौके पर घेराबंदी कर 4 आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी का सामान भी मिला।
कड़ाई से पूछताछ के बाद मामा-भांजा प्रवीण यादव और रमेश ने बताया कि सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा न लगे होने से यहां चोरी करना आसान होता था। चोरी से पहले स्कूल जाकर रेकी की जाती थी, इसके बाद रात के समय स्कूल गेट का ताला तोड़कर सामान बोरे में भरकर ले जाते थे। हर स्कूल से सिलेंडर जरूर चोरी करते थे। सिलेंडर की गैस खत्म होने तक आरोपी इसका इस्तेमाल करते थे।
इसके बाद खाली सिलेंडर 2 हजार तक में बेच देते थे, स्कूलों में लगी एलईडी टीवी 4 हजार तक में बेचते थे। इनके पास से 5 गैस सिलेंडर, 4 एलईडी टीवी, 1 मॉनिटर, 1 यूपीएस, 1 कीबोर्ड व माउस, 1 प्रिंटर और एक मोबाइल बरामद किया है। इनकी कुल कीमत 3 लाख 10 हजार रुपए बताई जा रही है।
Published on:
25 May 2026 05:25 pm
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