सर्व शिक्षा अभियान के तहत होगा प्रशिक्षण
कभी भी स्कूल नहीं जान पाने वाले बच्चों के लिए अब स्पेशल ब्रिज कोर्स चलाया जाएगा। इन बच्चों को उनकी उम्र के मुताबिक तैयार कर संबंधित कक्षाओं में दाखिला कराया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किन्ही कारणों से बीच मे पढ़ाई छोड़ने वाले(ड्राप आउट) तथा कभी भी विद्यालय में नामांकित नही हुए बच्चो को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत विशेष रूप से पढ़ाने की शुरूआत की है।
इस अभियान को अमली जामा पहनाने के लिए एससीईआरटी में जिले स्तर पर चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। गोरखपुर जनपद से इसके लिए तीन शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया।
इलाहाबाद से प्रशिक्षण पाने के बाद ये शिक्षक अपने जनपदों में ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन कर विभिन्न ब्लाॅकों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इनके साथ जिले में शिक्षा के अधिकार सेंटरों के समन्वयकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गोरखपुर के शिक्षक प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के आलोक में कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित न रहे क्योकि शिक्षा अब प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। बताया कि बाल गणना के दौरान ऐसे बच्चो को चिन्हित किया जायेगा जो कभी विद्यालय नही गए हो अथवा जिन्होंने किन्ही कारणों से पढ़ाई छोड़ दिया होता है उन्हें अब विशेष तरीके से (ब्रिज कोर्स) पढ़ाया जाएगा जिससे वह अन्य बच्चो के साथ पढ़ सके एवं हीन भावना का शिकार न हो।
गोरखपुर के तीन शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद व राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान के निर्देश के बाद गोरखपुर से प्रवीण कुमार मिश्र पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेलकुर गगहा, सरिता चैधरी पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमुनिया भटहट और समन वहीद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरडॉड़ी खजनी को चयन किया गया था। इन लोगों ने प्रदेश के अन्य जिलों से आये शिक्षकों के साथ राज्य शिक्षण संस्थान इलाहाबाद में 24 सितम्बर से आयोजित त्रिदिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण में ट्रेनिंग ली।
गोरखपुर के शिक्षकों के प्रेजेंटेशन को मिली सराहना
प्रशिक्षण सत्र के दौरान गोरखपुर टीम ने विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से ड्राप आउट बच्चो के पढ़ाई में आने वाली समस्या एवं उसके निदान के लिए होने वाले प्रयास पर अपने विचार रखे जिसे प्रशिक्षकों द्वारा सराहा गया।