गोरखपुर यूनिवर्सिटी में मंगलवार को हैरान करने वाला वाकया हो गया। यहां कई समस्याओं को लेकर धरना दे रहे छात्रों ने कुलपति को उनके ही ऑफिस में अंदर बंद कर दिया। यह सिलसिला लगभग चार घंटे तक चला। सूचना पर पहुंची CO कैंट अंशिका वर्मा ने वहां पहुंचकर आफिस की कुंडी खुलवाई और छात्रों की कुलपति से मुलाकात कराई।
DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टंडन को मंगलवार की शाम छात्रों ने उनके ही कार्यालय में बंधक बना दिया। करीब चार घंटे तक छात्रों ने कार्यालय के मुख्य चैनल की कुंडी को बंद रखा और धरने पर बैठ गए।कुलपति के साथ गार्ड भी फंस गए। सूचना पर पहुंचीं सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने कुंडी को खुलवाया और कुलपति से छात्रों की बात कराकर उन्हें भेज दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रात में कार्रवाई के लिए कैंट पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस सतीश प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर मेटल से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय लिखा गया है, इसमें विश्वविद्यालय शब्द टूट गया है। इसी तरह सौ फीट उंचा झंडा फटने के चलते हटवा दिया गया था। उसे दुरुस्त करन लगवाने की मांग की लेकर मंगलवार को मुख्य छात्रनेताओं ने कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
कुलपति के न मिलने पर छात्र नेताओं ने शाम करीब चार बजे मुख्य चैनल पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान कुलपति कार्यालय के अंदर ही बैठी रहीं। सूचना पर कैंट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। रात करीब आठ बजे सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने छात्रों को कुलपति से मिलवाया, जिसके बाद उन्होंने ज्ञापन देकर धरने को खत्म किया।
कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रो. पूनम टंडन से कुछ छात्र मिलने आए थे। उन्हें मिलने से मना नहीं किया गया था। लेकिन, वे धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने चैनल की कुंडी लगा दी।इसके पहले भी इन छात्रों ने अराजकता की थी। तीन बार उनकी ओर से माफीनामा दिया जा चुका है। छात्रों ने अपनी गलती भी कबूली है। पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।