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‘जॉन, क्लार्क, लेविस’…गोरखपुर में बैठकर अमरीकियों से कर रहे थे ठगी, एक युवती सहित छह गिरफ्तार

गोरखपुर में एक बड़े साइबर ठगों के गैंग का चिलुआताल थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है, यह गैंग सिर्फ अमेरिकियों को इंश्योरेंस के लालच में फंसा कर रकम ऐंठती थी।

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फोटो सोर्स: पत्रिका, साइबर ठगी के गिरफ्तार आरोपी

गोरखपुर की चिलुआताल थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, टीम ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 5 युवक और एक युवती शामिल हैं। इसी मामले में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र व एसपी क्राइम सुधीर, CO कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। इनकी गिरफ्तारी में SO चिलुआताल सूरज सिंह की टीम शामिल रही।

SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने दी जानकारी

एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि ठगों का यह गिरोह मुख्यतः अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि चिलुआताल थाना क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान में अवैध रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और वहां से छह लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

तीन मंजिला भवन में बना था सुसज्जित कॉल सेंटर

पुलिस ने जब पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि आरोपी एक किराए के तीन मंजिला मकान में कॉल सेंटर चला रहे थे, मकान के बाहर लाइब्रेरी का बोर्ड लगा था। ऑफिस में लैपटॉप, हेडफोन और इंटरनेट कनेक्शन लगाए गए थे। वहां बैठकर लड़के-लड़कियां अमेरिकियों को कॉल करते थे और खुद को अमेरिका की कंपनियों का एजेंट बताते थे।

विदेशियों को इस तरह ठगी का शिकार बनाते थे

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कॉल करने वाले एजेंट खुद को नकली नाम जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क जैसे विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे। उनके पास पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट होती थी, जिसके जरिए वे अमेरिका में मिलने वाली इंश्योरेंस योजनाओं और सरकारी सब्सिडी का झांसा देते थे।

जब कोई उनकी बातों में आ जाता था, तो उसकी कॉल को अमेरिका की कुछ निजी कंपनियों में फॉरवर्ड कर दिया जाता था। वहीं से ठगी की पूरी कहानी पूरी की जाती थी। आरोपियों को ठगी की रकम से ही कमीशन मिलता था।

इन चीजों की हुई बरामदगी

पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, 2 राउटर, 7 मोबाइल फोन, 17 माउस, 22 लैपटॉप चार्जर, 6 चेकबुक, 3 पासबुक, 1 पासपोर्ट, 1 आधार कार्ड बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी

रूपेश सिंह (पश्चिम बंगाल निवासी), अभिषेक पाण्डेय (कोलकाता निवासी), हर्ष आर्या (गोरखपुर निवासी), सूरज कुमार तिवारी (बलरामपुर निवासी), अश्वनी कुमार मौर्या (बलरामपुर निवासी), सलोनी यादव (लखनऊ निवासी) बता दें की रूपेश और अभिषेक के खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज पाए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।