सोमवार को गोरखपुर डीएम कार्यालय पर उस समय हड़कंप मच गया जब फरियाद करने पहुंची एक गैंगरेप पीड़िता बेहोश हो गई, सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने उसे जिला अस्पताल लेकर गई जहां उसका इलाज चल रहा है।
गोरखपुर में गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आह्त एक युवती सोमवार को इसकी शिकायत लेकर डीएम दफ्तर पहुंची। वहां उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे उल्टी होने लगी और वह बेहोश हो गई। पीड़िता के बेहोश होते ही डीएम कार्यालय पर अफरा तफरी मच गई।
तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद ASP अंशिका वर्मा और कैंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवती को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि युवती ने जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की है। लेकिन, महिला अस्पताल के SIC डॉ. जय कुमार का कहना है, युवती शारीरिक रूप से बहुत कमजोर है। दो दिन से खाना नहीं खाई थी। धूप में रहने की वजह से उल्टी हुई और बेहोश हो गई। जहर खाने की बात गलत है।
ब्रम्हपुर इलाके की 22 साल युवती गोरखनाथ के हुमायूंपुर में रहती है। वो 27 जनवरी को चिड़ियाघर गई थी। आरोप है कि उसके साथ उस दिन मोहल्ले के ही हिमांशु, राकेश और आशीष ने मिलकर गैंगरेप किया। पहले तो पुलिस ने दबाव में आकर मुकदमा नहीं दर्ज किया। लेकिन, जब युवती कोर्ट गई तो अप्रैल 2024 में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ।
पीड़िता का आरोप है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। पुलिस आरोपियों से मिलकर रोज दौड़ा रही है। जबकि, आरोपी रोज पीड़िता को धमकी दे रहे हैं। जिससे आहत होकर वह डीएम दफ्तर पर फरियाद लेकर पहुंची थी। परिवार के लोगों का कहना है कि उसने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की।
ASP/CO कैंट आंशिका वर्मा ने बताया, युवती ने अप्रैल में कोर्ट के आदेश पर रामगढ़ताल थाने में गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। बयान देने के लिए बुलाने पर वह कभी थाने नहीं आई। सोमवार को अचानक डीएम दफ्तर गई, जहां उसकी तबीयत खराब हुई। मामले में उचित कार्यवाही की जा रही है । बयान के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।