यूपी की गोरखपुर पुलिस ने जालसाजों के शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है. गैंग के शातिर बदमाशों ने कोलकाता के एक व्यापारी के साथ दो करोड़ की ठगी की थी. दरअसल, असली नोट के बदले चार गुना नकली नोट देने का झांसा देकर बदमाशों ने ठगी की थी.
कोलकाता के व्यापारी से दो करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आठ जालसाज सहजनवां और क्राइम ब्रांच टीम के संयुक्त प्रयास से बुधवार को पकड़ लिए गए। जालसाजों ने आठ करोड़ की नकली करेंसी देने का लालच देकर व्यापारी से असली दो करोड़ रुपये लिए थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बांसगांव के रावतपार निवासी अमरजीत चौहान, लोनवा के अनंत राय, पिडिया गांव निवासी अजय मौर्या, बेलीपार चारपान के शिवप्रताप, हरपुर बुदहट भेउसा के नागेंंद्र कुमार, सिकरीगंज कास्तदेउर निवासी शैलेंद्र कुमार और गीडा के गाडर निवासी ग्राम प्रधान के बेटे अभिषेक यादव के रूप में हुई है। इसमे गैंग का सरगना अमरजीत है। इस केस में वांछित आठ और जालसाजों की पुलिस तलाश कर रही है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ वैशाली गंगवार ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि सहजनवां थाने में 12 जुलाई को गोविंदपुर निवासी चंद्रिका निषाद ने एफआई दर्ज कराई थी। चंद्रिका कोलकाता में 20 वर्ष से ठेके पर मॉल और घर बनाते हैं।
पूर्व परिचित अमरजीत को पता था कि चंद्रिका कोलकाता के बड़े व्यापारी हैं और उनके पास करोड़ों रुपये हैं। व्यापारी से रुपये ऐंठने के लिए अमरजीत ने योजना बनाकर अपने साथियों के साथ मिलने कोलकाता पहुंचा। वहां व्यापारी चंद्रिका से मिलकर अमरजीत ने बताया कि वह नकली नोट का धंधा करता है। व्यापारी को लालच दी कि अगर वह दो करोड़ रुपये देगा तो उसे इसके बदले चार गुना अधिक आठ करोड़ रुपया नकली नोट देंगे।
जाल में फंसाने के लिए अमरजीत ने असली पांच लाख रुपये, यह कहकर दिए कि ये नकली करेंसी है। इसे आप बाजार में चलाकर चेक कर सकते हैं। व्यापारी ने नोट चलाई तो कहीं कोई परेशानी नहीं आई। इसके बाद व्यापारी ने 50 लाख रुपये दिए और 1.50 करोड़ रुपये बाद में देने के लिए कहा।
इन रुपयों से जालसाजों ने एक स्कॉर्पियो कार खरीदी और बाकी रकम आपस में बांट ली। व्यापारी ने 50 लाख के बदले नकली करेंसी मांगी तो अमरजीत ने कहा कि आप 1.50 करोड़ देंगे तो आपको आठ करोड़ नकली करेंसी तत्काल मिल जाएगी। रुपये लेकर व्यापारी को गोरखपुर बुलाया।
जालसाजों ने मिलकर योजना तैयार की। आरोपी कथित पत्रकार अनंत राय ने तीन पीआरडी जवानों को किराए पर बुलाया। तय हुआ कि व्यापारी से रुपये लेकर पुलिस आ गई कहकर सभी लोग भागने का नाटक करेंगे। इसके बाद व्यापारी को बता देंगे कि सारे रुपये पुलिस ने जब्त कर लिए।जुलाई को व्यापारी सहजनवां क्षेत्र में रुपये लेकर आया। अमरजीत ने व्यापारी से 1.50 करोड़ रुपये लेकर आठ करोड़ रुपये से भरा बैग बताकर सौंप दिया। तभी नकली पुलिस आकर बैग अपने कब्जे में ले ली। व्यापारी पुलिस देखकर भाग गया।
लुटने के बाद व्यापारी ने पुलिस को दी थी सूचना
कोलकाता के व्यापारी चंद्रिका पासवान डरते-डरते पुलिस को इस घटना की सूचना दी। व्यापारी ने पुलिस को गलत बताया कि उससे गीडा इलाके में जमीन दिखाकर दो करोड़ रुपये हड़प लिए गए हैं। पुलिस ने जांच पड़ताल की तब हकीकत सामने आई।पुलिस की जांच में पता चला कि जालसाजों ने व्यापारी को जो बैग आठ करोड़ नकली करेंसी बताकर पकड़ाया था, उसमे पारले जी बिस्कुट का पैकेट भरा था।जालसाज व्यापारी को विश्वास में लेने के लिए असली नोट को बीटाडीन से धूलकर चमका देते थे। जिससे ये लगता था कि अभी-अभी नोट छपकर निकली है। व्यापारी नोट देखकर भ्रमित हो गया था।
SSP गोरखपुर
SSP गोरखपुर डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि गैंग का सरगना अमरजीत पर नकली नोट से जालसाजी के आरोप में बांसगांव में 2023 में केस दर्ज हुआ था। अमरजीत के साथ भी इसी तरह की पहले जालसाजी हुई थी। इसके बाद वह खुद यही धंधा करने लगा। एसएसपी ने घटना का पर्दाफाश कर गैंग को पकड़ने वाली क्राइम ब्रांच टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।