गोरखपुर में पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार पीड़ितों के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश पर मातहत मौका मिलते ही ठेंगा दिखा दे रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया हरपुर बुदहट थाने पर हुआ , यहां थाने पर जालसाजी की शिकायत लेकर गए पीड़ित को दरोगा ने बैरंग लौटा दिया। दंपती शाम तक थाने में बैठे रहे लेकिन दरोगा ने उनकी एक नहीं सुनी।
जिले के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के देवराडतुला गांव के रहने वाले एक दिव्यांग दंपती के साथ दरोगा ने असंवेदनशील व्यवहार किया है। बता दें कि जालसाजी की शिकायत लेकर पहुंचे इस दंपती का आरोप है कि दरोगा ने यह कहकर लौटा दिया कि चौराहे पर जाओ और एक बोतल पानी खरीदकर पी लो, इसमें कुछ नहीं हो सकता। जालसाज ने इनसे एक केस में धारा बढ़वाने और आरोपी को गिरफ्तार करने के नाम पर छह हजार रुपये की ठगी की है।
जानकारी के अनुसार, हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के देवराडतुला निवासी गौतम और इंद्रेश भाई हैं। गौतम व उनकी पत्नी रेनु दोनों दिव्यांग हैं। 18 अगस्त को घर में मोटर चलाने के विवाद में इंद्रेश ने अपने पिता सेवक की पिटाई कर दी। उन्हें बचाने गए गौतम और रेनू को भी इंद्रेश ने पीट दिया। इसके बाद सेवक ने हरपुर बुदहट थाने में अपने बड़े बेटे इंद्रेश और उसकी बेटी के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
21 अगस्त को गौतम के पास एक जालसाज ने फोन किया। खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए थाने में दर्ज केस में धारा बढ़ाने और उनके भाई को गिरफ्तार करने के एवज में रुपये की मांग की। गौतम ने जालसाज द्वारा दिए गए नंबर पर तीन-तीन हजार करके दो बार में पैसे भेज दिए। इसके बाद जालसाज ने फिर पैसे की मांग की तो गौतम ने अपने उस नंबर पर फोन मिलाया तो पोल खुली। उसका नंबर तभी से बंद आ रहा है।
पीड़ित दंपती का आरोप है कि जालसाज ने जिस नंबर से फोन किया गया था, वह लेकर हम बुधवार को हरपुर बुदहट थाने गए। वहां जनसुनवाई दरोगा ने कहा कि चौराहे पर जाओ और एक बोतल पानी खरीदकर पी लो। दंपती रोते हुए शाम तक थाने का चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला संज्ञान में आ गया है।एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित के आरोप की भी जांच की जाएगी।