Gorakhpur news : शनिवार को एक व्यक्ति की बीमारी से मौत होने के बाद उसके घर कथित तांत्रिक दो महिलाएं और एक पुरुष पहुंचा। उन्होंने मृत व्यक्ति को जिंदा करने का दावा किया। दो घंटे तक शव के पास एक धार्मिक पुस्तक पढ़ते रहे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। तभी किसी ने पुलिस बुला दी।
जिले में एक बार फिर अंधविश्वास का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक चौरीचौरा थानाक्षेत्र के छोटकी बरही भरटोलिया गांव में एक व्यक्ति की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद तांत्रिकों ने उसके घर पहुंचकर उसे जिंदा करने का दावा कर दिया। तांत्रिक बनकर पहुंची दो महिलाएं और एक पुरुष वहां लोरिक को वापस जीवित करने की प्रयास करने लगे। उन्होंने दो घंटे तक शव के पास एक धार्मिक पुस्तक का पाठ किया, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ।
इस दौरान, जब उनकी हरकतें बढ़ने लगीं तो लोगों को उनपर कुछ शक हुआ। इसके बाद आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर तीनों तांत्रिकों को हिरासत में ले गई। पूछताछ के बाद, उन्हें शांति भंग के आरोप में चालान कर छोड़ दिया गया। घटना चौरीचौरा इलाके के छोटकी बरही भरटोलिया गांव की है।
गांव वालों के मुताबिक, तांत्रिकों ने पहले शव की दिशा बदलकर पूरब-पश्चिम की और फिर धार्मिक पुस्तक का पाठ करना शुरू किया। जैसे-जैसे अफवाहें फैलने लगीं, आसपास के गांवों से भी लोग वहां इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों में यह भी चर्चा हो रही थी कि ये तांत्रिक लोरिक के घर क्यों आए, अगर वे पहले से उसे जानते थे तो अंजान क्यों बने।SP नार्थ जितेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बनी, बल्कि तांत्रिकों की संदिग्ध गतिविधियों पर भी सवाल खड़े कर गई।