
Gorakhpur News: गोरखपुर के MMMUT के 11वें दीक्षा समारोह की अध्यक्षता करने राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल पहुंची। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने चरित्र का निर्माण करना भी होना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग हो।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष 60 प्रतिशत छात्राओं और 40 प्रतिशत छात्रों ने उपाधियां प्राप्त की हैं। यह आंकड़ा महिला सशक्तीकरण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक ओर बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश का भविष्य संवार रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाएं अपराधों के कारण जेलों में भी हैं। इस विषय पर विश्वविद्यालयों में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि युवाओं में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़े।
बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए राज्यपाल ने कहा कि संस्थाएं उन्हें सभी आवश्यक कौशल सिखाये, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग की दिशा में ठोस कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं सभी विश्वविद्यालयों से इस संबंध में किए गए कार्यों की जानकारी लेंगी और अपेक्षा करेंगी कि परिसर पर्यावरण संरक्षण के मॉडल बनें। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां विशेष अभियान चलाकर उन्हें नशामुक्त गांव बनाया जाए। नशा मुक्त होने से देश को स्वस्थ पीढ़ी मिलेगी।
राज्यपाल ने समारोह में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के शिक्षकों ने ऐसी प्रेरक कहानियां खोजकर प्रस्तुत की हैं, जिनमें से कई उन्होंने स्वयं भी पहली बार सुनीं। इस पर उन्होंने कहा कि इन कहानियों को संकलित कर एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराएं और सभी विद्यालयों में वितरित कराएं। प्रतिभा रहने पर यही बच्चे आगे चलकर महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगे।
कार्यक्रम में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) की मानद उपाधि भी प्रदान की जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।