
राजघाट पर पुलिस की मौजूदगी में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया
Gorakhpur Crime News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। गुरुवार शाम बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया और कुछ ही घंटों बाद उसी परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ। खुशी और गम के इस असाधारण पल ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्ची इस बार रक्षाबंधन पर अपने छोटे भाई को राखी बांधने का सपना देख रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी छिन गई।
शाम करीब छह बजे परिवार ने मासूम को अंतिम विदाई दी। रात करीब नौ बजे उसकी मां ने बेटे को जन्म दिया। नवजात को देखते ही मां और परिवार की महिलाएं भावुक हो गईं। परिजनों ने बताया कि बच्ची अक्सर कहती थी कि इस बार रक्षाबंधन पर वह अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी। अब वही सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सिपाही अभिषेक यादव पर आरोप है कि उसने जिला अस्पताल परिसर से बच्ची को अपने साथ ले जाकर सुनसान इलाके में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके हाथ पीछे बांधकर नदी में फेंक दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों और शरीर पर कई जगह फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक मौत डूबने और गंभीर चोटों के कारण हुई।
परिवार के मुताबिक बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर जिला अस्पताल गई थी। वहीं से वह लापता हो गई। काफी तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आसपास के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें बच्ची एक बाइक पर आरोपी के साथ जाती दिखाई दी। इसके आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर करीब 36 घंटे बाद बच्ची का शव बरामद किया गया। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस ने आरोपी सिपाही को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
पत्नी ने भी जताई नाराजगी
आरोपी की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसके पति ने जो किया, वह किसी भी तरह से माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे परिवार का सिर शर्म से झुका दिया है और अब वह आरोपी के साथ नहीं रहना चाहतीं।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी 2018 बैच का सिपाही है। इससे पहले भी उसके खिलाफ महिला से छेड़छाड़ के मामले में कार्रवाई हो चुकी थी। उस समय उसे निलंबित कर जेल भी भेजा गया था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
Updated on:
31 Jul 2026 12:37 pm
Published on:
31 Jul 2026 12:37 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
