गोरखपुर

Ground Zero Film : गोरखपुर जिले की शान हैं ग्राउंड जीरो फिल्म के रियल हीरो…बेटे के पराक्रम को पर्दे पर देख गौरवान्वित हैं ग्रामीण

यूपी का गोरखपुर जिला वीरों की जननी रहा है। अंग्रेजों के विरुद्ध हुई चौरीचौरा क्रांति तो उनकी चूल ही हिला दी थी। आजादी के क्रांतिवीरों से लेकर इस धरती ने अनेकों वीर पैदा किए। जिले के सरार दूबे गांव के एक ऐसे ही वीर के ऊपर हाल में ही फिल्म ग्राउंड जीरो बनी है।

2 min read
May 11, 2025

गोरखपुर जिले के झंगहा क्षेत्र में राप्ती नदी के कछार में स्थित सरार दुबे गांव लोग अपने बेटे की वीरता, शौर्य और पराक्रम को फिल्मी परदे पर देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं। इस गांव के रहने वाले शूरवीर ने वो काम किया था जो वीरता का पर्याय बन गया। मां भारती को रक्तरंजित करने वाले राक्षस का वध करने में हालांकि कई गोलियां इस शूरवीर को भी लगीं लेकिन मां भारती के आशीष से उन्हें पुनः नया जीवन मिला।

कश्मीर में हुए ऑपरेशन में मारा गया था कुख्यात आतंकी गाजी बाबा

अतीत में चलें तो वीरता की यह कहानी 30 अगस्त, वर्ष 2003 को लिखी गई थी जब गोरखपुर स्थित इस गांव के रहने वाले तत्कालीन बीएसएफ के सेकंड-इन-कमांड रैंक अधिकारी नरेंद्रनाथ धर दुबे की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर में एक आपरेशन हुआ, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के चीफ आपरेशनल कमांडर आतंकवादी राणा ताहिर नदीम उर्फ गाजी बाबा को बीएसएफ दल ने मार गिराया था।

एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए नरेंद्र, लगी थीं कई गोलियां

वह संसद पर हमले के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पर आत्मघाती हमला करने की योजना गढ़ रहा था। घटना में नरेंद्रनाथ धर दुबे गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनके शरीर में आज भी कई गोलियां फंसी हुई हैं। उनके साहसिक कार्य को ग्राउंड जीरो फिल्म में बखूबी उकेरा गया है। लगभग 22 वर्ष बाद फिल्मी परदे पर अपने रीयल हीरो को देखकर इनके पैतृक गांव सरार लोग गौरवान्वित हो रहे हैं।

BSF के DIG पद से हुए रिटायर, NIA में भी दिए सेवा

कीर्ति चक्र से सम्मानित नरेंद्रनाथ धर दुबे सीमा सुरक्षा बल में डीआइजी पद से रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने NIA में सात साल सेवा दी। मोबाइल पर जब उनसे बाद हुई तो श्री दुबे की आंखों में वह सीन सामने आने लगा। नरेंद्रनाथ धर दुबे ने बताया कि आतंकवादी गाजी बाबा से मुठभेड़ के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। काफी दिनों तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा और गोलियों से छलनी होने के बाद भी पुनः नव जीवन प्राप्त हुआ।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के रह चुके हैं छात्र

श्री दुबे ने बताया कि वर्ष 2019 के सितंबर में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने फिल्म बनाने की अनुमति दी थी। नरेंद्रनाथ धर दुबे ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के संत कबीर और गौतम बुद्ध छात्रावास में रहकर उन्होंने पढ़ाई की है। 1979-81 में बीए किया। इसके बाद वर्ष 1983 में अंग्रेजी में एमए पूरा किया। वर्ष 2005 में योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की विशाल सभा में सम्मानित किया था। तब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद हुआ करते थे।

Published on:
11 May 2025 12:46 am
Also Read
View All

अगली खबर