प्रेम की बैठक में महाप्रबंधक ने एनईआर की उपलब्धियां गिनाईं और सुझाव लिए
गोरखपुर। पूर्वाेत्तर रेलवे ने इस साल रेलवे बिना टिकट या बिना बुकिंग सामानों के इधर-उधर करने के करीब दस लाख मामले पकड़े हैं। इससे एनईआर को करीब पचास करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। साल 2017-18 में नवम्बर माह तक एनईआर को 2174 करोड़ का आय हुआ है जो पिछले साल से करीब 7.74 प्रतिशत अधिक है।
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक राजीव अग्रवाल ने यह जानकारी दी। वह रेल प्रबन्धन में कर्मचारियों की भागीदारी (प्रेम) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक को सम्बोधित करते हुए महाप्रबन्धक अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारी संगठनों से प्राप्त सुझाव पर अमल करके सभी मिलकर अपनी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और कुशल बनाने का प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि गाड़ियों के समय-पालन के साथ यात्री सुविधाओं में निरन्तर बढ़ोत्तरी करते हुए स्वच्छ स्टेशनों व ट्रेनों के साथ यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुविधा प्रदान करना ही प्रमुख लक्ष्य है।
महाप्रबन्धक ने कहा कि वर्ष 2017-18 में नवम्बर माह तक इस रेलवे की कुल प्रभाजित आय 2174 करोड़ रुपये की है जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.74 प्रतिशत अधिक है। कहा कि इस रेलवे की सभी उपलब्धियां समस्त कर्मचारियों की कड़ी मेहनत व सभी यूनियन एवं एसोसियेशन के सकारात्मक योगदान से ही सम्भव हो सकी है।
महाप्रबन्धक ने रेल राजस्व की क्षति रोकने के उपाय पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में नियमित रूप से चलाये जा रहे टिकट जांच अभियान के चलते 2017-18 के नवम्बर तक बिना टिकट, अनियमित टिकट, बिना बुक सामान के लगभग 10 लाख मामले पकड़े गये, जिनसे 50 करोड़ की वसूली हुई।
328 स्टेशनों पर व्हीलचेयर उपलब्ध
उन्होंने रेल कर्मचारियों का आह्वान किया कि रेल राजस्व की क्षति रोकने में सभी सक्रिय भागीदारी निभाएं। दिव्यांग यात्रियों के लिए गाड़ी और स्टेशन परिसर में दी जाने वाली सुविधाओं में निरन्तर बढ़ोत्तरी की जा रही है। इस रेलवे के 328 स्टेशनों पर ह्वील चेयर उपलब्ध है, साथ ही छह स्टेशनों पर बैट्री आपरेटेड कार की सुविधा प्राप्त है।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता ने रेलवे जमीन के अतिक्रमण पर रोक लगाने, गाड़ियों का प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव समय बढ़ाकर माल लोडिंग करने और गोरखपुर छावनी स्टेशन पर विभिन्न गाड़ियों के रोके जाने के बारे में चर्चा की। उन्होंने कर्मचारी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी सामने रखा।
पूर्वोत्तर रेलवे ओबीसी रेल कर्मचारी एसोसियेशन के महामंत्री रामबदन यादव ने रेल राजस्व की क्षति रोकने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा करते हुए इस कार्य में पर्याप्त रेलकर्मियों को लगाने का सुझाव दिया। एससी-एसटी एसोसिऐशन के महामंत्री चन्द्रशेखर ने पार्सल घर से सामानों को प्लेटफार्म संख्या-9 तक ले जाने के लिए अतिरिक्त सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के लिए सुझाव दिया।
आरपीएफ एसोसिएशन के महामंत्री विजय तिवारी ने खतरे की जंजीर के दुरूपयोग रोकने में रेल सुरक्षा बल के अलावे अन्य रेलकर्मियों की सहभागिता पर बल दिया।
बैठक का संचालन उप महाप्रबन्धक सामान्य राजेश तिवारी ने किया। बैठक में अपर महाप्रबन्धक एसएल वर्मा के अलावा सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, मान्यता प्राप्त यूनियन, एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री या प्रतिनिधि मौजूद रहे।