UP STF टीम इंटरनेशनल डॉन लारेंस विश्नोई के गैंग को यूपी से मिल रही बैकिंग को धीरे धीरे अंजाम तक पहुंचा रही है। STF को उस समय बड़ी सफलता मिली जब विश्नोई गैंग के बड़े असलहा सप्लायर को गोरखपुर शहर से दबोच लिया।
बीते दिनो इंटरनेशनल डॉन लारेंस विश्नोई के गुर्गे को STF गोरखपुर की टीम ने शहर से दबोच लिया था। फिल्म अभिनेता सलमान खान के घर फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग को असलहा तस्करी करने वाला चिलुआताल के बरगदवां निवासी मनीष कुमार यादव को एसटीएफ ने नौ मई को गिरफ्तार किया।गोरखपुर एसटीएफ की मदद से गिरफ्तारी के बाद अंबाला की एसटीएफ मनीष को अपने साथ ले गई। हरियाणा में पूछताछ के दौरान मनीष ने बताया कि वह अब तक लॉरेंस बिश्नोई गैंग को 50 पिस्टल बेच चुका है।
मनीष ने हरियाणा पुलिस को बताया है कि वह लॉरेंस बिश्नोई के चाचा के संपर्क में था। उनके कहने पर पिस्टल पहुंचाता था। मनीष से मिली जानकारी के बाद हरियाणा पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने उससे पिस्टल खरीदी थी। इससे पहले असलहा सप्लाई करने में गोरखपुर सिंघड़िया निवासी शशांक पांडेय जो पश्चिमी चंपारण जिले का रहने वाला है, उसका नाम भी लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ चुका है। शशांक ने ही मनीष का संपर्क उस गैंग से कराया था।
मनीष ने पुलिस को यह भी बताया कि पहले वह मुंगेर से पिस्टल खरीदता था। वर्तमान में इंदौर से खरीद कर रहा था। अभी तक पुलिस को बिहार से ही अवैध असलहे की तस्करी की जानकारी थी। मनीष ने बताया कि 25 से 30 हजार में पिस्टल खरीदने के बाद उसे 75 हजार से एक लाख रुपये तक में बेचता है।
पुलिस और एसटीएफ कई महीनों से मनीष यादव को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाकर बैठी थी, लेकिन वह जगह-जगह बदल कर रहा था, इसलिए पुलिस उसके पास नहीं पहुंचा पा रही थी। मनीष ने फरारी के दौरान अधिक समय बिहार के अलग-अलग जिलों में बिताया। इस बीच घर के मोह में वह बरगदवां स्थित अपने घर पहुंचा। जहां गोरखपुर और अंबाला की एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। अभिनेता सलमान के घर हुई फायरिंग में जो पिस्टल इस्तेमाल की गई है, उसमें भी मनीष का ही नाम आ रहा है।
सलमान के घर 14 अप्रैल को हुई थी फायरिंग
सलमान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के सामने 14 अप्रैल की सुबह पांच बजे फायरिंग की गई थी। दो आरोपी बाइक पर सवार होकर आए और पांच राउंड फायर किए। दोनों शूटर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन पिस्टल जिससे वह फायरिंग किए थे, बरामद नहीं हो पाई।फिलहाल लारेंस गैंग का गोरखपुर में ठिकाना बनाना भविष्य में कानून व्यवस्था पर संकट खड़ा कर सकता है।