गोरखपुर

एनईआर के पहले इलेक्ट्रिक लोको शेड के लिए रेलवे ने जमीन खाली कराई

लोगों के कब्जे वाली दो हेक्टेयर जमीन को खाली कराने के लिए बुलडोजर का सहारा लेना पड़ा रेलवे को

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गोरखपुर। पूर्वाेत्तर रेलवे का अपना पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड बनवाने जा रहा है। इसमें एनई रेलवे के इलेक्ट्रिक इंजन की मरम्मत हो सकेगा। विकास का एक और कीर्तिमान हासिल करने के लिए रेलवे को शुक्रवार को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दर्जनों परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चलवाना पड़ा, जो इस जमीन पर काबिज थे। हालांकि, सालों से जमीन पर काबिज लोग रेलवे के अधिकारियों द्वारा बुलडोजर चलवाने पर बिफर गए। गुस्साएं लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। जोरदार विरोध प्रदर्शन के दौरान पथराव भी किया जिससे रेलवे के एक इंजीनियर की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन रेलवे पुलिस यथा जीआरपी-आरपीएफ की सख्ती के बाद कई घंटों की मेहनत से जमीन खाली करा लिया गया।
हालांकि, जमीन पर काबिज लोग बिना किसी नोटिस के आशियाना उजाड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते रहे तो वहीं दूसरी ओर कब्जा हटवाने पहुंचे रेलवे के अधिकारियों ने कई बार नोटिस की बात कह किसी प्रकार की मोहलत देने से इनकार करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया।
गोरखपुर के नंदानगर के पास रेलवे की कई हेक्टेयर जमीन है। करीब 15 हेक्टेयर जमीन पर इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण होना है। रेलवे के अनुसार करीब दो हेक्टेयर जमीन पर लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा जमा रखा था। कई बार नोटिस भी इसकी खातिर दी जा चुकी थी।
कुछ दिन पूर्व इस जमीन पर इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाने के लिए एयरफोर्स से एनओसी मिल गई। सो, रेलवे ने शुक्रवार को जमीन कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी।
शुक्रवार को आरपीएफ-जीआरपी टीम के साथ रेलवे के अधिकारी नंदानगर जमीन पर हुए कब्जे को हटवाने पहुंचे। लोगों को अपने सामान हटाने की चेतावनी देने के साथ रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। अतिक्रमण हटाने की नियत से बुलडोजर चला जमीन को मुक्त कराया जाने लगा। बुलडोजर चलाए जाने से चारो तरफ अफरातफरी मच गई। कब्जेदार अपने-अपने आशियाना के सामान निकाल सुरक्षित ठौर रखने लगे। सालों का बसाया उजड़ता देख कुछ महिलाएं प्रतिरोध पर उतर आईं। वे बुलडोजर के सामने खड़ा हो मोर्चा संभाल लीं। उनके सामने आते ही हंगामा खड़ा हो गया। इसी बीच रेलवे पुलिस के जवानों ने उनको हटाया तो पीछे से पथराव शुरू हो गया। लोगों के उग्र होने की स्थिति को भापते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स बुला ली। इसके बाद कब्जा हटवाना शुरू किया। फिर थोड़ा बहुत विरोध के बावजूद पूरी जमीन को खाली करा लिया गया।
एनई रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि 30 के करीब कब्जेदारों को तीन दिन पहले ही नोटिस दिया गया था। लेकिन उनके द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया। नोटिस अवधि पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की जा रही।

सालों पहले बनाया आशियाना एक झटके में तबाह
रेलवे के कब्जा हटाने के बाद दर्जनों परिवार बेघर हो गए। मेहनत-मजदूरी करने वाले ये परिवार खुले आसमान से खुद को बचाने के लिए किसी तरह फूस व टीन आदि डालकर आशियाना बनाए थे। इनका आरोप था कि उनको बिना नोटिस के बेघर कर दिया गया। झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाने के बाद उनमें आग लगा दी गईं। इससे उन लोगों का सबकुछ जलकर खाक हो गया।

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इलेक्ट्रिक लोको शेड में 100 इलेक्ट्रिक इंजन की मेंटेनेंस

पूर्वाेत्तर रेलवे नंदानगर दरगहियां की 15 हेक्टेयर जमीन पर अपना इलेक्ट्रिक लोकोशेड बनाने जा रहा। यह एनई रेलवे का अपना पहला लोकोशेड होगा जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक सिस्टम से संचालित होगा। यहां सौ इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन के मेंटीनेंस की व्यवस्था होगी। पहले चरण में 50 इंजन का मेंटेनेंस हो सकेगा। सेकेंड फेज में इतने और की मेंटेनेंस हो सकेगी।

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Published on:
30 Dec 2017 07:15 am
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