गोरखपुर

गोरखपुर में रेलवे पुलिस की बड़ी कामयाबी, नाबालिगों के सहारे चला रहा था मोबाइल चोरों का गैंग…सरगना भी गिरफ्तार

गोरखपुर रेलवे पुलिस ने मोबाइल चोरों के बड़े गैंग का पर्दाफाश किया। गैंग में कई बाल अपचारियों की भी मौजूदगी थी जो बड़े मोबाइल चोरों को चोरी कर मोबाइल दे देते जिससे उन पर शक भी नहीं होता।

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Apr 10, 2025

गोरखपुर रेलवे पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में यात्रियों का मोबाइल फोन सहित अन्य सामान चुराने वाली एक महिला, तीन बाल अपचारियों सहित पांच लोगों को जीआरपी ने गिरफ्तार। गिरफ्तार बाल अपचारी यात्रियों की जेब से माेबाइल फोन चुराकर बड़े शातिरों को दे देते हैं। इस दौरान अगर किसी को शक भी होता तो बच्चा देख नजरअंदाज कर देता।

शातिर चोरों के पास से एक लाख के मोबाइल बरामद

इंस्पेक्टर जीआरपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि चोरों के गैंग से पूछताछ में जो जानकारी मिली है। उसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। उनके पास से एक लाख कीमत का मोबाइल फोन मिला है। एसपी जीआरपी संदीप कुमार मीना ने पुलिस टीमों को लगातार भ्रमणशील रहकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

तीन नाबालिग चोरों के साथ धराया सरगना

बुधवार को रेलवे पुलिस टीम रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में सघन तलाशी के लिए निकली, इसी दौरान कुछ संदिग्ध लोग दिखे। जब पुलिस टीम उनकी तरफ बढ़ी तो वे भागने लगे। पुलिस ने दौड़ा कर उन्हें दबोच लिया और तलाशी ली तो काफी सारे चोरी के मोबाइल फोन मिले।पूछताछ में उनकी पहचान तिवारीपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर वार्ड नंबर-13 में रहने वाले अली और उसके तीन अन्य नाबालिग सहयोगियों के रूप में हुई। छानबीन के बाद उनके पास से पुलिस ने चोरी का सात मोबाइल फोन बरामद किया।

महिलाओं को झांसे में लेकर मोबाइल झटकने वाली महिला चोर

सघन चेकिंग अभियान में रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक के पास बैठी एक महिला को चोरी के मोबाइल फोन संग पकड़ा। वह संतकबीर नगर जिले के बखिरा की रहने वाली है। वह महिलाओं के बीच में बैठकर ट्रेनों का इंतजार करने के बहाने चोरी करती है। गोरखपुर से चोरी मोबाइल फोन को संत कबीर नगर में ले जाकर बेच देती है। इससे जो रुपया उसे मिलता है। उसी से अपना भरन पोषण करती थी।

ट्रेनों और स्टेशन पर सो रहे यात्रियों को बनाते थे निशाना

पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो सामने आया कि प्लेटफार्म और ट्रेनों में सो रहे यात्री ही ज्यादातर निशाना बनते थे।उनका मोबाइल फोन चुराकर दूसरी बाेगी में घुस जाते हैं। फिर दूसरे साथी को मोबाइल फोन दे देते हैं। इस बीच ट्रेन रुकने पर वह आराम से उतर जाते हैं। भीड़ अधिक होने पर यात्रियों की जेब से भी मोबाइल फोन चुरा लेते हैं।चोरी का मोबाइल फोन सस्ते दामों में चुराकर बेचते हैं। जीआरपी की इस कामयाबी पर SP जीआरपी संदीप कुमार मीना ने हौसला अफजाई की है।

Published on:
10 Apr 2025 11:50 pm
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