कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा – “आप सबके भीतर हजारों मोदी हैं। अपने अंदर की क्षमता को पहचानो और जिम्मेदारी उठाओ।अंत में उन्होंने स्वर्ण पदक विजेताओं से कहा – “सोना मत माँगिए। जिंदगी मांगने से नहीं, बल्कि मेहनत से पूरी होती है।”
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह आज दोपहर बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता माननीय कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की। कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश के कर्णधार हैं और उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी राष्ट्र को आगे बढ़ाना है। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि जिन्हें पदक नहीं मिला है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उजागर करने में शिक्षक, परिवार और मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
समारोह में कुल 76 विद्यार्थियों को कुलाधिपति के हाथों 161 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें 56 छात्राएं (73.68 प्रतिशत) और 20 छात्र (26.32 प्रतिशत) शामिल हैं। इस वर्ष कुल 71 विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिए गए। ये 50 छात्राओं और 20 छात्रों को प्रदान किए गए। वहीं डोनर पदकों की संख्या 90 है, जो 69 छात्राओं और 21 छात्रों को प्रदान किए गए।
श्वेता चंद पुत्री श्री रमेश चंद को मास्टर ऑफ आर्ट्स (अंग्रेजी विषय) में दो स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर है। श्वेता के पिता रमेश चंद ADG गोरखपुर जोन ऑफिस में कार्यरत हैं। श्वेता ने अपनी सफलता का श्रेय अपना माता, पिता को दिया है।