जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्यौरा देना होगा।
गोरखपुर. उत्तर प्रदेश में तीन महीने पहले सकुशल तरीके से पंचायत चुनाव (Panchayat Election) संपन्न हुआ था। पंचायत चुनाव में हजारों प्रत्याशियों (Panchayat Election Candidates) ने किस्मत आजमाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के शहर गोरखपुर (Gorakhpur) में चुनाव में नामांकन के दौरान जमा की गई जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रत्याशी (Candidates) नहीं पहुंच रहे हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि करीब तीन करोड़ रुपए जमा होने की संभावना है। इस बात की जानकारी चुनाव आयोग और शासन को दे दी गई है।
प्रत्याशी नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
ज्यादातर प्रत्याशियों ने पंचायत चुनाव के तीन महीने बीत जाने के बाद भी जमानत के तौर पर जमा किए गए पैसे (Security Deposit Of The Candidates) को वापस लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जमानत राशि वापस लेने के लिए प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्यौरा देना होगा। उसके बाद जमानत राशि उन्हें वापस मिल जाएगी। जमानत राशि वापस लेने की अंतिम तारीख चुनाव आयोग (Election Comation) द्वारा तीन अगस्त रखा गया था, जिसकी अवधि खत्म हो चुकी है।
करीब तीन करोड़ रुपए हैं जमा
सहायक निर्वाचन अधिकारी जेएन मौर्या ने बताया कि, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार चुनाव (Election) का खर्च नहीं देने की स्थिति में जमानत राशि जब्त कर लेने का प्रावधान है। कई प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त कर लिया गया है। जमा जमानत राशि व जब्त जमानत राशि मिलाकर करीब तीन करोड़ रुपए जमा होने की संभावना है। इसकी सूचना शासन एवं निर्वाचन आयोग को भी दे दी गई है।