गोरखपुर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, बैंक खाते का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने के आरोप में 04 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से मोबाइल, सिम कार्ड, पासबुक समेत अन्य सामान बरामद
गोरखपुर में साइबर अपराध के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि साइबर माध्यम से बैंक खाते का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
एएसपी ने बताया कि 12 मार्च 2026 को एक महिला द्वारा शिकायत की गई थी कि उसके परिचित युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसे सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत धनराशि और सिलाई मशीन दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया गया।
आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर एक सिम कार्ड प्राप्त किया गया और उसी के माध्यम से बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया गया।
इसके बाद महिला के खाते का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन किया गया। शिकायत मिलने के बाद मामले में थाना खोराबर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में वंश निषाद पुत्र ओमप्रकाश निषाद निवासी नौसड़ थाना गीडा, शोभित गौड़ पुत्र सोनू गौड़ निवासी तारामंडल थाना रामगढ़ताल, शक्ति जायसवाल पुत्र रवि जायसवाल निवासी महादेव झारखंडी कूड़ाघाट थाना एम्स तथा शिवम पटवा पुत्र पशुपति पटवा निवासी कूड़ाघाट आवास विकास कॉलोनी थाना एम्स शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड तथा तीन एटीएम स्लिप बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे और बाद में उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह के साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।