जिले में बाढ़ का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। राप्ती, रोहिन व कुआनो का जलस्तर लगातार ऊपर उठ रहा है। तीनों नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। तूर्तीपार में भी सरयू भी खतरे के निशान को पार कर गई है।इसके कारण जिले की पांच तहसीलों के 24 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। इसको देखते हुए बाढ़ प्रभावित गांवों में 34 नाव व मोटर बोट को प्रशासन ने लगाया गया है । सदर क्षेत्र के आठ गांवों में 19 नाव और मोटर बोट लगाया गया है। यहां पर 8620 लोग बाढ़ प्रभावित हो गए हैं।
गोरखपुर में लगातार बाढ़ का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। इसकी वजह से कछार क्षेत्र में लोगों में दहशत हो गई है। नेपाल से छोड़े गए पानी की वजह से राप्ती नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
आलम यह है कि दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों की जिंदगी अब नाव पर सवार हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में लोगो के आवागमन के लिए 34 नाव उपलब्ध कराई हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।गोरखपुर जिले में अब तक 24 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। यहां 34 नावें चलाई जा रही हैं। इनमें से कई ऐसे गांव हैं जो पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। शहरों के सीमावर्ती इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। शहर का बहरामपुर, रामपुर, नयागांव, महेवा समेत कई इलाके बाढ़ में डूब चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
सड़कों पर बाढ़ का पानी हुआ ओवरफ्लो
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, कल शुक्रवार को शाम 4 बजे राप्ती नदी खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर यानी 75.28 मीटर पर बह रही थी। रप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बहरामपुर, शेरगढ़ सहित अन्य गांवों की सड़कों पर और घरों में बाढ़ का पानी ओवरफ्लो हो रहा है। ऐतिहात के मद्देनजर तहसील प्रशासन ने लोगों की सुविधा और आवागमन को बनाए रखने के लिए गांव में नाव लगवा दी है।
आपदा विभाग गोरखपुर के जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह ने सदर क्षेत्र में प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में नाव लगाएं। नाव पर सुरक्षा के दृष्टिगत लाइफ जैकेट व सेफ्टी किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर न बैठने का आश्वासन दिया।प्रभारी अधिकारी ने बाढ़ के दौरान वितरित किए जाने वाले राहत खाद्यान्न सामग्री किट केंद्र का निरीक्षण किया। कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि युद्ध स्तर पर राहत खाद्यान्न किट की पैकेजिंग कराए। निरीक्षण के दौरान आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता और तहसील स्तरीय अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने आईजी आन्नद कुलकर्णी के साथ मलौनी लहसड़ी बन्धे पर सिंचाई विभाग के द्वारा कराये गये कार्यों का निरीक्षण किया।बाढ़ से बचाव के लिए की जा रही तैयारियों को भी देखा। उन्होंने मलौनी लहसड़ी बन्धे के ग्राम छितोना एवं ग्राम गौरी मंगलपुर के सिंचाई विभाग के द्वारा बन्धे को सुरक्षित रखने के लिये बनाये गये लाचिंग पैड को देखा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बन्धे पर होने वाले कटान के दृष्टिगत लगातार निगरानी करने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि एन्टी वेनम, क्लोरीन की गोलियां आदि सहित आवश्यक दवाओं की समुचित उपलब्धता रखी जाये।
मण्डलायुक्त ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविर के लिए पंचायत भवनों, स्कूलों आदि गावों में साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ के समय बनने वाले राहत शिविर एवं बन्धों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहे। इस अवसर पर विभिन्न अधिकारी गण उपस्थित रहे।