मंदिर क्षेत्र का कार्यभार है इस अधिकारी के जिम्मे, इसके अलावा कई और कार्यभार संभालते हैं
राजसत्ता की राह में खाकी और खादी की कहानियां तमाम चटखारे लेकर सुनी और सुनााई जाती रही हैं। यह बात दीगर है कि सरकारी नौकरी में आने के पहले अधिकारी भी राग-द्वेश, वैचारिक मतभेद, जाति-धर्म, क्षेत्रवाद आदि से उपर उठकर काम करने की शपथ लेते हैं तो सत्ता/पद प्राप्ति के बाद राजनेता भी। कभी किसी अधिकारी का किसी राजनेता को जूता पहनाने का वाकया हो या बाढ़ क्षेत्र का मुआयना करने पहुंचे नेताजी को सुरक्षाकर्मियों द्वारा गोद में उठाकर घुमाने का मामला, ऐसी खबरें हमेशा से सुर्खियां भी बनती रही हैं।
गुरु पूर्णिमा के दिन सीएम योगी आदित्यनाथ का बावर्दी पैर छूते एक पुलिस अधिकारी का फोटो वायरल हो रहा है। प्रोटोकाॅल पर भी बहस इस प्रकरण में शुरू हो चुका है तो ड्यूटी के दौरान बावर्दी इस तरह का व्यवहार पुलिस रूल में क्या होता इस पर भी बहस जारी है।
दरअसल, गोरखनाथ सर्किल में बतौर सीओ प्रवीण कुमार सिंह तैनात हैं। गोरखपुर में तैनात यह पुलिस अधिकारी जबसे यहां हैं तबतक वीआईपी सुरक्षा की भी कमान संभालते हैं, मुख्यमंत्री के मंदिर क्षेत्र का सर्किल होने की वजह से मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भी गोरखपुर प्रवास के दौरान हमेशा दिखते हैं।
गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में थे। परंपरागत पूजन के बाद वह दूरदराज से आए लोगों, अपने शिष्यों को आशीर्वाद दे रहे थे। लंबी कतार में सीओ गोरखनाथ प्रवीण कुमार सिंह भी लग गए। वह सीधे पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे। शिष्य भी भांति नीचे बैठ गए। महंत योगी आदित्यनाथ को चंदन किया, पांव छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनको भी योगी आदित्यनाथ ने टीका लगाकर आशीर्वाद दिया।
वहां मौजूद लोग तो इस पल के गवाह बने ही, सीओ ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट कर दिया। फोटो वायरल होते ही इस पर बहस-मुहाबिसा छिड़ गया। कोई इसे वर्दी का अपमान बता रहा था तो कोई पुलिस मैनुअल का उल्लंघन। हर कोई इस प्रकरण की अपने तरह से ब्याख्या कर रहा। हालांकि, पुलिस के अधिकारी इस प्रकरण पर फिलहाल कुछ कह नहीं रहे हैं।