बेटी के पेट दर्द होने पर मां गई डाॅक्टर के पास, सच्चाई जान हो गई बेहोश
मुफलिसी और मजबूरी ने उससे उसके मासूम के चेहरे की मुस्कान छीन ली। वह जिस पर भरोसा कर घर में अपने मासूम बेटी को अकेला छोड़ काम पर जाती रही उसी ने उसके भरोसे को तार-तार कर दिया। बेटी जब पेट से हुई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेचारी करती भी क्या, लोकलाज त्याज थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
खजनी क्षेत्र की रहने वाली एक महिला अपने दो बच्चों के साथ रहती है। पति की मौत के बाद दोनों बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए उसे काम करना पड़ता है। बेटी करीब चैदह साल की है और बेटा करीब छह साल का। सिलाई-कढ़ाई कर वह अपनी आजीविका चलाती है। कपड़ों की सिलाई कर बच्चों की परवरिश कर रही महिला की जान पहचान एक युवक से कुछ साल पहले हुई। वह अपने बात-व्यवहार से एकदम से घर की तरह हो गया। बच्चों से भी उसका मेलमिलाप हो गया। महिला के लिए यह युवक घर के किसी सदस्य की तरह लगनेे लगा। बताया जाता है कि गरीबी से परेशान महिला की यह युवक कभी कभार मदद भी करता रहा। वह धीरे-धीरे अपना विश्वास जमाता गया। महिला अब जब काम पर जाती तो घर में रह रहे बच्चों पर निगरानी के लिए युवक से कह जाती थी। लेकिन उसे क्या पता था कि मदद की आड़ में युवक की नजर उसकी किशोरवय बेटी पर है। घर में किसी के न होने का फायदा उठाकर युवक ने महिला की बेटी को बहलाया फुसलाया। फिर उसके करीब जाने की कोशिश करने लगा। आखिरकार वह इसमें सफल भी हो गया। किशोरी को युवक ने झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध भी बनाना शुरू कर दिया। उधर, महिला इन सबसे अनजान रही। युवक महिला के घर पर नहीं होने और घर की जिम्मेदारी संभालने का फायदा उठाते हुए किशोरी की अस्मत से खेलता रहा।
थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक एक दिन किशोरी के पेट में दर्द महसूस हुआ। दर्द निवारण के लिए वह एक डाॅक्टर के पास उसे लेकर गई। वहां जांच-पड़ताल के बाद डाॅक्टर ने जो बात बताई उससे उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
फिर उसने अपनी बेटी से बात पूछी। उसने जो बताया उसे सुन महिला बेहोश हो गई। आसपास के लोगों ने संबल दिया। होश आया तो वह सीधे थाने पहुंची। तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराया। आरोपी युवक मनोज देवरिया के रूद्र्रपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।