गोरखपुर एयरपोर्ट पर बीते कुछ दिनों से लापरवाही का आलम यह हो गया है कि यहां फ्लाइट कैंसल हो, लेट हो इससे एयरपोर्ट प्रबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि यात्रियों को इन कारणों की जानकारी भी नहीं दी जा रही हैं। अब यात्री भी धैर्य खो चुके है और लगातार प्रबंधन पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
गोरखपुर एयरपोर्ट पर फिलहाल सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, यहां की अव्यवस्थाओं से यात्री आजीज आ चुके हैं। लगातार कुछ दिनों ने यात्रियों फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी लगभग 12 फ्लाइट्स में से एक फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया, जबकि कई उड़ानें अपने तय समय से देरी से रवाना हुईं।
गोरखपुर से दिल्ली की फ्लाइट 6E 5105 ने 4 मिनट की देरी से उड़ान भरी।
गोरखपुर से दिल्ली की फ्लाइट S 8940, 1 मिनट की देरी से रवाना हुई।
गोरखपुर से कोलकाता की फ्लाइट 6E 7306, 51 मिनट की देरी से उड़ान भरी।
गोरखपुर से बेंगलुरु की फ्लाइट 6E 437, 15 मिनट की देरी से रवाना हुई।
गोरखपुर से मुंबई की फ्लाइट 6E 545, 16 मिनट की देरी से उड़ान भरी।
गोरखपुर से दिल्ली की फ्लाइट 91810 को कैंसिल कर दिया गया।
शनिवार को फ्लाइट कैंसिल होने और देरी से उड़ान भरने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।कई यात्री घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की सुविधा या मदद नहीं दी गई।यात्रियों का आरोप है कि गोरखपुर एयरपोर्ट पर हर दिन फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी आम बात हो गई है। एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि तकनीकी कारणों और ट्रैफिक लोड की वजह से फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि यह केवल बहानेबाजी है, असल में एयरपोर्ट मैनेजमेंट फेल हो चुका है।