Greater Noida Industrial Township: दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की नजर अब यूपी पर है। ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रही इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक 29 नामी कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है। इससे करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 25,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलगा।
Greater Noida Industrial Township: ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रही इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप अब रेलवे उपकरण निर्माण का केंद्र बनने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एएनडी हाईटेक इंडस्ट्रीज को 5.28 एकड़ भूमि आवंटित की है, जहां कंपनी रेलवे से संबंधित उपकरणों का निर्माण करेगी। इसके अलावा श्रीजी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों का उत्पादन करेगी।Greater Noida Industrial Township,ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रही इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप अब रेलवे उपकरण निर्माण का केंद्र बनने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एएनडी हाईटेक इंडस्ट्रीज को 5.28 एकड़ भूमि आवंटित की है, जहां कंपनी रेलवे से संबंधित उपकरणों का निर्माण करेगी। इसके अलावा श्रीजी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों का उत्पादन करेगी।
इस वर्ष जनवरी से अब तक आठ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें कोरियन कंपनी जीकेएस डिजिटल भी शामिल है। कुल मिलाकर इन कंपनियों के माध्यम से लगभग 2,524 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 6,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब तक इस औद्योगिक टाउनशिप में 29 नामी कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इससे करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है और आने वाले समय में 25,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
2025 की शुरुआत से अब तक जिन प्रमुख कंपनियों को भूखंड आवंटित हुए हैं, उनमें सोनालिका ट्रैक्टर्स, नोवामैक्स इंडस्ट्रीज, विशन डिस्ट्रिब्यूशन, एएनडी हाईटेक इंडस्ट्रीज, जीकेएस डिजिटल इंडिया, डीएस एनएक्सट जेन, श्रीजी डीएलएम और नेपच्यून एनर्जी प्रमुख हैं। ट्रैक्टर निर्माता कंपनी सोनालिका बनाएगी अनुसंधान केंद्र प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी सोनालिका को 25.68 एकड़ भूमि दी गई है। कंपनी यहां पर अपना अनुसंधान और विकास केंद्र स्थापित करेगी और कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले ई-वाहनों और उपकरणों पर अनुसंधान करेगी। टाउनशिप में हायर इलेक्ट्रॉनिक्स समेत चार विदेशी कंपनियों ने पहले ही उत्पादन कार्य शुरू कर दिया है। अगले एक साल में 13 अन्य कंपनियां उत्पादन आरंभ कर देंगी।
यह टाउनशिप दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जहां उद्योग, आवास और सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। जापान और सिंगापुर से भी निवेश की संभावना है। हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल पार्ट्स), फार्मे मोबाइल, चेनफेंग एलईडी, एएनडी हाईटेक, जीकेएस डिजिटल, डीएस एनएक्सट जेन, श्रीजी डीएलएम, नेपच्यून एनर्जी और नोवामैक्स जैसी कंपनियां इस परियोजना में निवेश कर रही हैं। जापान और सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल भी टाउनशिप का दौरा कर चुके हैं और निवेश की इच्छा जताई है।