Highlights सउदी अरब (Saudi Arab) के नेफुड रेगिस्तान की एक प्राचीन झील में सर्वेक्षण के दौरान कई निशान मिले हैं। अलथार झील के आस-पास मिली 376 प्राचीन आकृतियों में कुछ जानवरों के पैरों के सबूत मिले हैं।
दुबई। सऊदी अरब (Saudi Arab) में ऐसे पैरों के निशान (Foot Mark) पाए गए हैं जो 1 लाख 20 हजार साल पुराने हैं। ये साबित करता है कि इस भौगोलिक क्षेत्र में मानवीय उपस्थिति रही है। अभी भी खोजबीन जारी है। हालांकि शुरूआती सबूत इशारा कर रहे हैं कि यहां पर कई और वस्तुएं भी मिल सकती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार सउदी अरब के नेफुड रेगिस्तान की एक प्राचीन झील में सर्वेक्षण के दौरान सैकड़ों जीवाश्म के पैरों के निशान (fossilized footprints) पाए गए हैं। झील के कटाव के कारण ये सामने आए हैं।
लेवांत में हाथी विलुप्त हो गए थे
अलथार झील के आस-पास मिली 376 प्राचीन आकृतियों में विशेषज्ञों ने कुछ जानवरों के पैरों के निशान की भी पहचान की है। इसमें घोड़े,ऊंट और हाथी के पैरों के निशान भी हैं। ये निशान इसलिए भी अहम हैं क्योंकि चार लाख साल पहले लेवांत में हाथी विलुप्त हो गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार पैरों के इतने निशानों का मिलना इस बात का अंदेशा है कि झील के चारों ओर पानी और सूखे की स्थिति के कारण जानवर यहां आते थे। वहीं मनुष्य भी भोजन की तलाश में इस क्षेत्र में आया करता था।
मानव के पैरों के निशान सबसे आश्चर्यजनक
यहां पाए मानव के पैरों जैसे निशान सबसे आश्चर्यजनक हैं। अगर इन पैरों के निशानों की पुष्टि हो जाती है तो अरब प्रायद्वीप में मानव जाती के सबसे पहले होने के साक्ष्य होंगे। मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर केमिकल इकोलॉजी के इस विषय के प्रमुख लेखक मैथ्यू स्टीवर्ट के अनुसार वे काफी समय से इस तरह की खोज कर रहे हैं। अब ये सब दर्शाता कि यहां पर इंसानों के साक्ष्य हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि ये पैरों के निशान ऐसे समय के हैं, जिसमें आर्द्र परिस्थितियों में मानव और पशु मिलकर इस क्षेत्र में रहते थे। शोधकर्ता ने सऊदी अरब में अलाथर झील का सर्वेक्षण करते हुए यह खोज की है। शोधकर्ताओं के अनुसार जीवाश्म और पुरातत्व रिकॉर्ड से ये पता चलता है कि इन स्थितियों ने मानव प्रवास को अफ्रीका से लेवंत तक बढ़ने में सहायता की।