सऊदी अरब ही एक ऐसा अकेला देश है जहां दशकों से महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध है।
नई दिल्ली। सऊदी अरब रुढ़ीवादी परंपराओं को तोड़ते हुए आधुनिक दुनिया की मान्यताओं की ओर लगातार कदम बढ़ाता जा रहा है। इसी कड़ी में महिलाओं को एक और आजादी दी जा रही है। आगामी 24 जून से अब सऊदी अरब की महिलाएं अकेले सड़कों पर गाडियां चला सकती हैं। बता दें कि सऊदी अरब में परंपरा और धर्म के नाम पर महिलाओं के ऊपर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं जिसमें ड्राइविंग न करना भी शामिल है। हालांकि सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इन परंपराओं से हटकर एक नया फैसला लिया है और कहा है कि आगामी 24 जून से महिलाओं पर ड्राइविंग न करने के प्रतिबंध पूरी तरह से हट जाएंगे। अब महिलाएं स्वतंत्र रुप से गाडियां चला सकती हैं।
पिछले वर्ष की गई थी घोषणा
आपको बता दें कि सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले वर्ष ही इस फैसले की घोषणा की कर दी थी। जिसके बाद से महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति देने के इस फैसले का काफी स्वागत किया गया था। प्रिंस के ऐलान के बाद से सऊदी अरब के कई शहरों में इसके लिए ड्राइविंग स्कूल भी खोले गए। स्पेशल महिलाओं के लिए सऊदी के पांच शहरों में ड्राइविंग स्कूल शुरू किए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि सिखाने के लिए सऊदी की महिलाओं को ही रखा गया है। ये महिलाएं विदेशों में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल की हैं। आपको बता दें कि सऊदी अरब ही एक ऐसा अकेला देश है जहां दशकों से महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध है। एक अधिकारी ने बताया कि अब जब यह प्रतिबंध हटाया जा रहा है तब 18 या उससे अधिक उम्र की लड़कियां या महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकती हैं।
सिनेमा पर भी हटा प्रतिबंध
आपको बदा दें कि सऊदी में बदलाव का नया दौर शुरु हो गया है। इसी क्रम में इससे पहले सिनेमा पर लगे प्रतिबंध को हटाया गया। सऊदी के दो शहरों में अब तक दो सिनेमाघर खोले जा चुके हैं, जहां पर महिलाएं भी सिनमा देख सकती हैं। बता दें कि इससे पहले तक महिलाओ को सिनेमा देखना प्रतिबंधित था।