Nuclear deal: विदेश मंत्री ने कहा कि वह करीब 60 हफ्ते तक इस समझौते पर कायम रहे
तेहरान।ईरान और अमरीका के बीच तनाव अब भी बरकरार है। अमरीका के साइबर हमले के बाद ईरानी सरकार अलर्ट पर है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने एक बयान में कहा है कि ईरान ने कभी भी अमरीका से हुए समझौते को तोड़ा नहीं है। वह अब तक 2015 के समझौते पर कायम था। गौरतलब है कि इस समझौते के तहत ईरान में होने वाला यूरेनियम संर्वधन अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी की देखरेख में होना था। मगर अमरीका ने 2017 में इस समझौते से खुद को अलग कर लिया। विदेश मंत्री ने कहा कि वह करीब 60 हफ्ते तक इस समझौते पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि हमने एक साल तक अपमान बर्दाश्त किया है। इसके बाद देश के हित में फैसला लेने का मन बनाया।
वहीं ईरान के एक अधिकारी ने बताया है कि मई में घोषित अपनी योजना के आधार पर 300 किलोग्राम यूरेनियम की सीमा ईरान ने पार कर ली है। अमरीका ने बीते साल परमाणु सौदे से खुद को अलग कर लिया था और ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात तथा वित्तीय लेन-देन और अन्य क्षेत्रों पर सख्त प्रतिबंध फिर से लगा दिए थे।
ईरान ने आठ मई को घोषणा की थी कि वह संवर्धित यूरेनियम और भारी जल भंडार पर लगाई गई सीमा को अब नहीं मानेगा। इसके साथ धमकी दी थी कि वह अन्य परमाणु प्रतिबद्धताओं को भी नहीं मानेगा। ईरान ने कहा कि जब तक समझौते के शेष साझेदार- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस , जर्मनी और रूस इन प्रतिबंधों से उसे छुटकारा नहीं दिलाते तब तक वह अपने कार्यक्रम को रोकेगा नहीं।
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