-किसानों की कृषि विभाग को सुध तक नहीं
गुना. जिले में लॉक डाउन का सीधा असर फसल कटाई पर पड़ रहा है, जहां एक ओर मजदूर नहीं मिल रहे हैं उधर मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं। जिससे गुना, चांचौड़ा, आरोन, रुठियाई, याना, कुंभराज, चांचौड़ा, बीनागंज, मधुसूदनगढ़ और जामनेर सहित कई गांव में गेहूं की फसल तक नहीं कट पा रही है। हद तो ये हैं कि लगातार पांच दिन से जारी लॉक डाउन में अभी तक कृषि विभाग ने किसी भी गांव में जाकर किसानों को जागरुक नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि रबी वर्ष २०१९-२० में ३.२६ लाख हेक्टेयर में धनिया, चना, सरसों और गेहूं की फसल बोई थी। सरसों और धनिया की फसल लगभग पूरी कट गई है। लेकिन चना और गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। फसल कटाई का काम करीब २० दिन चलेगा और इतने ही दिन लॉक डाउन। इस वजह से काफी दिक्कत खड़ी हो रही है।
मॉस्क और हाथ धोने का नहीं इंतजाम
फसल कटाई के लिए मॉस्क और हाथ धोने आदि का कोई इंतजाम नहीं है। वे अपने गमछे को सिर से बांधते हैं और उसी से अपना मुंह साफ कर लेते हैं। किसानों को जागरुक करने भी कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। किसान अपने दिनचर्या से काम में जुटे हैं। शहर से लगे गांवों को छोड़ दें तो दूर दराज के गांवों में किसान कोई सावधानी नहीं बरत रहे। वे शाम को एक साथ बैठने के साथ कटाई के काम में जुटे हैं।
कृषि विभाग चेता और लगाई कर्मचारियों की ड्यूटी
फसलों की कटाई क लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को लॉक डाउन के चलते सावधानी बरतने विभाग ने निर्देश दिए हैं। उधर, निर्धारित समय सीमा में फसल कटाई कराने अपर कलेक्टर द्वारा अनुमति दी गई हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले गांव मेंं किसानों को कोरोना महामारी के संबंध में जागरुक किया जाए।
ये बरतें सावधानी
-किसान फसल कटाई में लगे श्रमिकों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें, अलग अलग कियारियों में कटाई करें और अपने चेहरे को ढककर रखें।
-फसल कटाई में उपयोग होने वाले औजारों जैसे दराती, हसिया, खुरपी, फावड़ा, रस्सी आदि किसी से साझा न करें, यदि साझा करना पड़े तो इन औजारों को नीम या साबुन के पानी या फिनायल आदि से सैनिटाइज करे और उन्हें धूप में रखें।
-सब्जी दूध आदि को मंडी डेयरी में बेचने जाए तो अन्य लोगों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, मास्क अवश्य लगाएं, सैनेटाइजर से हाथ साफ करते रहें। अपने चोहरे को न छुएं।
-सामाजिक दूरी बनाकर रखें, विभिन्न प्रकार के सामाजिक आयोजनों जैसे उद्यापन जागरण आदि को यथासंभव स्थगित कर दें।
-धूप एवं डिहाईड्रेशन से बचने के लिए सिर ढककर रखें, पर्याप्त पानी पीते रहें।