
गुना@ जावेद खान की रिपोर्ट...
विधानसभा चुनावों में इस बार युवा मतदाता बुजुर्गों पर भारी रहेंगे। इनकी संख्या बुजुर्ग मतदाताओं से छह गुना से भी अधिक हैं। यानी विधायकों के चुनाव में क्षेत्र के युवा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनमें से 28 हजार युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
मतदाताओं को साधना बड़ी चुनौती....
जिले की चारों विधानसभाओं में इस बार युवा मतदाताओं की संख्या अधिक है। कुल वोटर्स की 61 प्रतिशत संख्या युवा मतदाताओं की है। जिले में कुल 4 लाख 95 हजार 773 युवा मतदाता है। जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है। इनमें इनमें से 28 हजार 584 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
कुल युवा मतदाताओं में 2 लाख 64 हजार 977 पुरुष व 2 लाख 30 हजार 796 महिला मतदाता हैं। प्रत्याशियों के लिए इन युवा मतदाताओं को साधना बड़ी चुनौती होगा। जिनके सामने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं।
वहीं दूसरी ओर बुजुर्ग मतदाता महज 10 प्रतिशत है। कुल 8 लाख 12 हजार 536 मतदाताओं में से 79 हजार 413 मतदाता बुजुर्ग यानी 60 से 80 साल से ऊपर के हैं। 80 साल से अधिक के मतदाताओं की संख्या 6220 है। इन दोनों के बीच 40 से 59 साल तक के मतदाता भी हैं। इनकी संख्या 2 लाख 37 हजार 350 है। जो कुल मतदाताओं का करीब 29 प्रतिशत है।
लोकल टीवी चैनलों पर रखी जा रही है कड़ी नजर....
वही दूसरी तरफ गुना जिले में आचार संहिता उल्लंघन सहित चुनाव से जुड़ी विभिन्न शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिस पर हर दिन औसतन 10 से 12 शिकायतें मिल रही हैं। शिकायत पर एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी को शोकाज नोटिस भी जारी किया गया है। इसके साथ ही लोकल टीवी न्यूज चैनलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
डिप्टी कलेक्टर शिवानी रैकवार ने बताया कि कंट्रोल रूम पर वोटर कार्ड न मिलने, कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, आचार संहिता उल्लंघन सहित अन्य शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उनका निराकरण भी करवाया जा रहा है।
इसके अलावा आरओ स्तर पर भी शिकायतें आ रही हैं। पीडब्ल्यूडी के सहायक ग्रेड 3 कमलेश श्रीवास्तव द्वारा बीजेपी के पक्ष में पोस्ट करने पर उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
उल्लंघन संबंधी नहीं आया कोई मामला....
कलेक्ट्रेट में ही ग्राउंड फ्लोर पर लोकल न्यूज चैनलों पर नजर रखने के लिए निगरानी रूम स्थापित किया गया है। जिसमें टीवी लगाकर न्यूज चैनल देखे जा रहे हैं। इससे पहले सभी लोकल न्यूज चैनल्स के संचालकों को कलेक्टर द्वारा हिदायत भी दी गई थी। हालांकि अभी तक आदेशों के उल्लंघन संबंधी कोई मामला सामने नहीं आया है।