गुना

मंत्री सिंधिया ने किया सैल्यूट, BJP विधायक ने उसी कलेक्टर को बताया ‘नकारा’, देखें वीडियो

Jyotiraditya Scindia- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। BJP विधायक ने सार्वजनिक मंच से कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गुनिया नदी मुद्दे पर तीखे आरोप लगाए, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।

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Mar 20, 2026
BJP MLA Pannalal Shakya Calls guna Collector Incompetent (फोटो- Patrika.com)

MP News: गुना जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच का अंतर्विरोध सार्वजनिक मंचों पर तीखे वार-पलटवार के रूप में सामने आया है। तीन दिन पहले जिन कलेक्टर किशोर कन्याल और उनकी टीम की प्रशंसा में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कसीदे पढ़ते हुए मंच से सल्यूट किया था, उसी प्रशासन को विधायक पन्नालाल शाक्य ने नाकारा करार दिया है। मानस भवन में आयोजित विक्रमोत्सव के मंच से विधायक ने न केवल कलेक्टर की कार्ययोजना पर सवाल उठाए, बल्कि उन्हें कागजी घोड़े न दौड़ाने की सख्त हिदायत भी दे डाली। विवाद की मुख्य जड़ शहर की जीवनदायिनी गुनिया नदी का पुनरुद्धार और अतिक्रमण हटाना है।

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गुनिया विकास सलाहकार समिति की बैठक से विधायक गायब

कलेक्टर किशोर कन्याल ने हाल ही में गुनिया विकास सलाहकार समिति के समक्ष एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की थी। योजना के अनुसार, 22 मार्च को शीतला माता मंदिर से सिंगवासा तक भ्रमण, 23 मार्च से सफाई कार्य और 4 अप्रैल से अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू होनी है। गौर करने वाली बात यह है कि इस समिति की बैठक में विधायक पन्नालाल शाक्य शामिल नहीं हुए थे, लेकिन मानस भवन के कार्यक्रम में उन्होंने कलेक्टर की मौजूदगी में ही इस पूरी कवायद को कागजी कसरत बताकर हवा में उड़ा दिया।

पूर्व कलेक्टरों के काम से दिखाया आईना

विधायक ने पूर्व कलेक्टरों का उदाहरण देते हुए कलेक्टर को आईना दिखाया। कहा कि जनता आज भी उन्हीं अफसरों को याद करती है जिन्होंने मानस भवन जैसी स्थायी संरचनाएं खड़ी की। विचायक ने तीखे लहजे में कहा कि आप कागजों में काम करते हो, कागजों में घोड़े मत वौड़ाओ। केवल कागजों काम करने से कुछ नहीं होगा धरातल पर काम और परिणाम में विखने चाहिए। यदि आज सस्ती नहीं दिखाई तो भविष्य में ऐसे ही नाकारा अफसर आते-जाते रहेंगे और शहर की स्थिति कभी नहीं सुधरेगी।

अफसर फाइलों से निकलें, हम उनके साथ हैं

विचायक शाक्य ने गुनिया नदी से अतिक्रमण हटाने को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कलेक्टर को सीधे शब्दों में सचेत किया। उन्होंने कहा कि अब आप एक-दो दिन बाद गुनिया नदी का काम चालू करोगे न. उसे सहज मत मानना। बहुत कठिन वो काम। न जाने कितने रसूखदार हैं. दिल्ली, भोपाल और ग्वालियर से फोन लगवाएंगे आपको कि साहब जरा रुकवा देना। विधायक ने प्रशासन को 'डिस्मेंटल आफ्टर सूचना (सूचना के बाद तोड़‌फोड़) का मंत्र देते हुए स्पष्ट किया कि वे हर कदम पर साथ हैं. बशर्ते अफसर फाइलों से बाहर निकलें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप करते तो हो ही नहीं, कागजों में योजना बनाने का क्या मतलब, कुछ करके बताओ भाई।

एसडीएम को नसीहत-दुर्गा का स्वरूप लें

विधायक ने केवल कलेक्टर ही नहीं, बल्कि एसडीएम की कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर एसडीएम को दुर्गा का स्वरूप धारण कर तलवार लेकर निकल जाना चाहिए। यदि अफसर सख्ती से खटाखट काम करें, तो गुना की सूरत बदलते देर नहीं लगेगी। इस दौरान मंच पर कलेक्टर किशोर कन्याल, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे और सांसद प्रतिनिधि हरिसिंह यादव मूकदर्शक बने यह तीखी आलोचना सुनते रहे। (MP News)

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Published on:
20 Mar 2026 09:13 am
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