राघौगढ़. पंचायत सचिव ने अध्यापकों के समान छटवां वेतनमान और सरपंचों को सत्कार भत्ता सहित अन्य 13 सुत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ फिर आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है। इन मांगों को लेकर जनपद की चौखट पर बैठे सरपंच-सचिव आगामी चुनाव में भाजपा सरकार का सूपड़ा साफ करने की चेतावनी देने में भी नहीं चूक रहे।
पछले दो दिन पहले प्रदेश के पंचायत सचिव सरपंच संगठन के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल के दौरान पंचायतों के अधिकांश कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, तो इधर सरपंच सचिव सरकार के विरोध में 13 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। सरपंच संगठन के जिला अध्यक्ष सीताराम मीना, ब्लाक अध्यक्ष सरजन सिंह यादव एवं सचिव संगठन अध्यक्ष एंव गंगाप्रसाद मीना ने बताया कि पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा हर दिन नए फरमान तो जारी किए जा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा सचिवों के लिए वर्ष 2013 में सहायक अध्यापकों के समान छटवा वेतनमान एवं अनुकंपा नियुक्ति एवं सरपंचों को 5 हजार रुपए सत्कार भत्ता देने की मांग की गई घोषण पूरी नहीं की।
प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया द्वारा मनरेगा सहित अन्य योजानाओं में सरंपच सचिवों को विकलांग जैसे बना दिए हैं। यही नहीं बल्कि पंचायतों के ठहराव प्रस्ताव की अनदेखी के साथ जो योजनाएं पंचायतों में बनना चाहिए, वह योजनाएं ऊपर से बनाई जा रही हैं। सरपंच सचिव संगठन का कहना है कि 28 दिसंबर से शुुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद 10 जनवरी को भोपाल में महारैली, धरना प्रदर्शन कर 46 हजार सरपंच सचिव मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे। इसके बाद भी मांगों पर निराकरण नहीं होता है तो त्यागपत्र जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।